अलंकरण समारोह: सीबीआई को मिले 30 नए उप-निरीक्षक

-लीक से हटकर सोच अपनाकर लक्ष्य को करें पूरा, मिलेंगे स्मार्ट वर्किंग के रिजल्ट: प्रवीण सूद

गाजियाबाद। कमला नेहरू नगर स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के 30 उप-निरीक्षकों के (27 वें बैच) का अलंकरण समारोह गुरुवार को सीबीआई अकादमी में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने युवा अधिकारियों एवं उनके परिवारों को सीबीआई अकादमी द्वारा प्रस्तावित उनके बहुमुखी प्रशिक्षण के सफल समापन पर बधाई दी। उन्होंने युवा अधिकारियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सीबीआई अकादमी के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो के सदस्य के रूप में अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अपने कौशल का सीबीआई के उच्च मानकों के अनुरूप पूर्ण उपयोग करेंगे। यह देखते हुए कि अधिकांश अधिकारी तकनीकी पृष्ठभूमि से हैं, उन्होंने जोर दिया कि शिक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान व सीख तब काम आएगी जब अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात अपनी सीखने की प्रक्रिया का वास्तविक हिस्सा शुरू करेंगे। इस धारणा के विपरीत कि प्रशिक्षण पूरा होने के साथ सीखना समाप्त हो जाता है।

श्री सूद ने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक सीखने की प्रक्रिया वास्तव में अब शुरू होती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इसके बाद हर दिन एवं हर अनुभव अधिकारियों को अधिक जानकार व सशक्त बनाएगा। युवा अधिकारियों को लीक से हटकर सोच अपनाकर अपना काम करने का प्रयास करना चाहिए एवं अपने कार्यों को अलग तरीके से करके बेहतर परिणाम प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। नीरस कार्य समाप्त की  जगह स्मार्ट कार्य से बेहतर परिणाम मिलेंगे। अधिकारियों से पूरी सेवा के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखने का आह्वान करते हुए, निदेशक सीबीआई ने इस बात पर जोर दिया कि सीबीआई एक ऐसा स्थान है, जहां बाहरी प्लेटफार्मों के माध्यम से मान्यता प्राप्त करने से दूर रहते हुए, अनाम एवं चुपचाप तरीके से कार्य करने की जरूरत है। श्री सूद ने कहा कि संगठन व  वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना तथा पुरस्कारों के माध्यम से अच्छे कार्य को मान्यता देने के लिए संगठन के भीतर पर्याप्त विकल्प हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई अधिकारियों के रूप में आप संगठन के ब्रांड एंबेसडर बनने जा रहे हैं क्योंकि आपका आचरण एवं कार्य हमेशा अदालत व जनता की जांच के दायरे में रहेगा, जिसका असर सीबीआई पर पड़ेगा। श्री प्रवीण सूद ने यह भी कहा कि सीबीआई, भ्रष्टाचार निवारण, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, विशेष अपराध आदि सहित जांच के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट डोमेन विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने पासिंग आउट अधिकारियों को इस तरीके से कार्य करने की सलाह दी कि वे अगले 4-5 वर्षों के अनुभव में अपनी पसंद की विशेषज्ञता से सुसज्जित हों। इस दौरान सीबीआई अपर निदेशक संपत मीना, अपर निदेशक मनोज शशिधर, अभियोजन निदेशक डॉ. पद्मिनी सिंह सहित अन्य विभागों व स्थानीय प्रशासन के अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।

प्रशिक्षुओं को मिली पदक व ट्राफी
इस दौरान प्रशिक्षुओं को पदक एवं ट्राफियां प्रदान की। जुमरानी प्रिंस ओमप्रकाश को सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड एसआई प्रशिक्षु के लिए डीपी कोहली पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विक्की राज को इनडोर स्टडीज के लिए डीसीबीआई ट्रॉफी एवं साइबर अपराध जांच ट्रॉफी से सम्मानित किया। सुधांशु को सर्वश्रेष्ठ आउटडोर के लिए जॉन लोबो ट्रॉफी के लिए चयनित किया गया और अंकित तंवर को समर्पण व अनुकरणीय आचरण के लिए सीबीआई अकादमी ट्रॉफी प्राप्त हुई।