-लाइसेंसी दुकानों की भी हो रही सघन जांच, ओवररेटिंग पर मिली सख्त चेतावनी
-आबकारी विभाग और ईआइबी की संयुक्त मुहिम से खौफ में माफिया, शराब तस्करी का नेटवर्क तोडऩे की बड़ी तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों वाले गौतमबुद्ध नगर जिले में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ अब सरकार ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। शराब माफियाओं की कमर तोडऩे और राज्य के राजस्व को सुरक्षित करने के लिए आबकारी विभाग ने बीते कुछ दिनों से जिले में व्यापक अभियान छेड़ रखा है। अवैध शराब के कारोबार पर अब सरकार का सर्जिकल स्ट्राइक शुरू हो चुका है। इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लखनऊ मुख्यालय से एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) की टीम को भी जनपद में तैनात किया गया है। यह टीम पिछले तीन दिनों से लगातार जिले में डटी हुई है और स्थानीय आबकारी अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दे रही है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिलेभर में छापेमारी, चेकिंग और आकस्मिक निरीक्षण की मुहिम चलाई जा रही है। विभाग की टीमें न केवल अवैध शराब के अड्डों को खंगाल रही हैं, बल्कि लाइसेंसी शराब दुकानों पर भी बारीकी से निगरानी रखी जा रही है।
दुकानों पर ओवररेटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टेस्ट परचेज के माध्यम से जांच की जा रही है और जिन दुकानदारों पर आरोप सही पाए जा रहे हैं, उन्हें सख्त चेतावनी दी जा रही है। बुधवार को ईआईबी इंस्पेक्टर सज्जन कुमार शुक्ला एवं आबकारी निरीक्षक गौरव चंद, आशीष पांडेय, डॉ. शिखा ठाकुर, अभिनव शाही, रवि जायसवाल, नामवर सिंह और चंद्रशेखर सिंह की टीम ने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में दबिश दी। विशेष रूप से थाना सूरजपुर क्षेत्र के ग्राम बिरौड़ी और थाना कासना क्षेत्र की नट की मड़ैया में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार की मदिरा बरामद नहीं हुई, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाले दिनों में ऐसे अड्डों पर और भी कड़ी कार्रवाई होगी। जनपद की सदर तहसील में स्थित शराब की दुकानों पर आकस्मिक निरीक्षण के दौरान टेस्ट परचेज कराया गया और विक्रेताओं को ओवररेटिंग के संबंध में कड़ी चेतावनी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि हर दुकान पर सीसीटीवी कैमरों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए और शराब व बीयर की बिक्री शत-प्रतिशत पॉश मशीन से ही की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को उचित दर पर शराब मिल सके।
गौतमबुद्ध नगर जिले में शराब तस्करों के लिए अब घेरा इतना मजबूत कर दिया गया है कि अन्य राज्यों से शराब लाकर यहां खपाना आसान नहीं रह गया है। चाहे शराब हरियाणा से लाई जाए या दिल्ली से, जिले में प्रवेश करने के बाद उसे खपाना और निकलना अब बेहद कठिन हो गया है। हर स्तर पर निगरानी और चेकिंग की जा रही है। पुलिस व आबकारी विभाग की टीमें चौकसी के साथ काम कर रही हैं। शराब माफियाओं पर की जा रही इस कार्रवाई से जहां अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता ने भी इस अभियान की सराहना की है। जनपद में यह पहली बार हो रहा है कि ईआईबी जैसी गुप्तचर इकाई ने सीधे अभियान में भागीदारी की है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाते हुए अवैध गतिविधियों के खिलाफ रणनीतिक स्तर पर काम कर रही है।
सरकार की मंशा स्पष्ट है अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना और राज्य के राजस्व को सुरक्षित रखते हुए उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं निर्धारित दर पर मदिरा उपलब्ध कराना। इस अभियान को देखकर साफ है कि गौतमबुद्ध नगर अब शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रह गया है। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज होगी और जिन इलाकों में शराब तस्करी की आशंका है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। यह पूरा अभियान जिले में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के मूलभूत सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग पूरी ताकत के साथ कार्रवाई में जुटा है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जनपद में कानून का राज स्थापित करने के लिए अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान निर्णायक साबित होगा।
ओवररेटिंग और उपभोक्ता शोषण पर अब जीरो टॉलरेंस
जिले की मदिरा दुकानों पर यदि किसी उपभोक्ता से निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूला गया या बिल नहीं दिया गया, तो संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि या तो नियमों का पालन करें, या दुकान बंद करने को तैयार रहें।
किलेबंदी जैसी सुरक्षा, हर जिले की सीमा पर चौकसी
राज्य के अन्य सीमावर्ती जिलों से आने वाले तस्करों को रोकने के लिए अब गौतमबुद्ध नगर में ‘किलेबंदी’ जैसी निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। चाहे शराब हरियाणा, दिल्ली या किसी और राज्य से आए अब जिले में प्रवेश के बाद निकलना मुश्किल हो जाएगा। यह पहली बार है जब ईआईबी जैसी गुप्तचर इकाई ने जिले में डेरा डाला है और स्थानीय अधिकारियों के साथ सघन अभियान में दिन-रात जुड़ी है।

जिला आबकारी अधिकारी
जनपद गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी गई है। आबकारी विभाग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (ईआईबी) के सहयोग से सघन चेकिंग व दबिश की कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य न सिर्फ अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है, बल्कि ओवररेटिंग, अवैध सप्लाई और लाइसेंसी दुकानों की अनियमितताओं पर भी सख्त निगरानी रखना है। जिले में मदिरा की हर बोतल पर सरकार के राजस्व की रक्षा और जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जो भी व्यक्ति या समूह अवैध शराब व्यापार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हमने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ बिक्री करें और सभी लेनदेन पॉश मशीन के जरिए ही करें। सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी भी अनिवार्य कर दी गई है।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव
जिला आबकारी अधिकारी



















