-इंदिरापुरम स्थित भवन को श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु किया जा रहा सुसज्जित
-नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने भवन का किया औचक निरीक्षण, सभी विभागों को दिए स्पष्ट निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देश के आध्यात्मिक महत्व के प्रमुख पड़ावों में शामिल कैलाश मानसरोवर यात्रा का आगाज 11 जून सोमवार से हो रहा है। इस पवित्र यात्रा में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं ठहरने की व्यवस्था को लेकर गाजियाबाद नगर निगम पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन में यात्रियों के रुकने, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा जैसे मूलभूत इंतजाम किए जा रहे हैं। बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने निर्माण विभाग, उद्यान, स्वास्थ्य, प्रकाश, जलकल, सफाई सहित सभी संबद्ध विभागों के अधिकारियों के साथ कैलाश भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नालों की मरम्मत, धूल-मुक्त सड़कें, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, और पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा, कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान गाजियाबाद आने वाले हर यात्री को धार्मिक श्रद्धा के अनुरूप सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग रिपोर्ट देने को भी कहा ताकि कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान दिया जा सके। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर (निर्माण) एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह, सहायक अभियंता संजय गंगवार आदि मौजूद रहे। इधर, महापौर सुनीता दयाल ने भी नगर निगम के अधिकारियों को कैलाश भवन के आसपास सौंदर्यीकरण, जल छिड़काव, पौधारोपण, कचरा प्रबंधन और रात्रिकालीन प्रकाश की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि शहर की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का अवसर है।
नगर निगम द्वारा इस बार न केवल भवन के अंदर बल्कि आस-पास की सड़कों, गलियों, और नालियों की भी विशेष सफाई की जा रही है। भवन को सजावट, फूलों और स्वागत पट्टिकाओं से अलंकृत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ नागरिक सम्मान भी मिल सके। यात्रा के दौरान गाजियाबाद में विभिन्न राज्यों से हज़ारों श्रद्धालु आगमन करेंगे, ऐसे में नगर निगम की यह तैयारी न केवल प्रशासनिक सजगता का परिचायक है, बल्कि यह दर्शाता है कि नगर निगम धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को भी पूरी गंभीरता से लेता है।
विशेष निर्देश:
• रोजाना मॉनिटरिंग रिपोर्ट अनिवार्य
• साफ-सफाई में लापरवाही पर कार्रवाई तय
• भवन व आस-पास का सौंदर्यीकरण प्राथमिकता
• नालों की सफाई व मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर
• पेयजल व रात्रि प्रकाश की व्यवस्था में कोई कमी नहीं

















