-जीडीए कर रहा जीरो टॉलरेंस नीति पर काम, उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा शहर में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। बुधवार को जीडीए की टीम ने प्रवर्तन जोन-3 के अंतर्गत मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत बंबा रोड, दुहाई क्षेत्र में करीब 34 हजार वर्गमीटर भूमि पर काटी जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के निर्देश पर कार्रवाई की गई, जिन्होंने अनधिकृत निर्माणों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंसÓ की नीति अपनाई है। कार्रवाई का नेतृत्व प्रवर्तन जोन-3 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल ने किया, जबकि सहायक अभियंता अनुज कुमार, अवर अभियंता कमलदीप कुमार, आशीष कुमार और सतेंद्र कुमार अपनी टीम और जीडीए पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। ध्वस्तीकरण की यह बड़ी कार्रवाई गाटा संख्या-921 और खसरा संख्या-919 की कुल 34 हजार वर्गमीटर भूमि पर की गई, जहां कॉलोनाइज़रों द्वारा बिना अनुमति के बाउंड्रीवाल, आरसीसी सड़कें, नालियां, बिजली के पोल, पेयजल पाइपलाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही थीं।
जीडीए की मशीनरी ने इन सभी निर्माणों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ताओं और कॉलोनाइज़रों ने मौके पर विरोध जताते हुए जीडीए टीम से नोकझोंक की, जिससे कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। हालांकि जीडीए पुलिस बल की मुस्तैदी के चलते विरोध को शांत किया गया और कार्यवाही सुचारू रूप से पूरी की गई। जीडीए अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित आम नागरिकों और संभावित खरीदारों से अपील की कि वे अनधिकृत रूप से विकसित कॉलोनियों से दूर रहें और भूखंडों की खरीद-फरोख्त से पहले वैधता की पूरी जांच कर लें।
जीडीए ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनियों में किसी भी तरह की सुविधा या भविष्य की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि गाजियाबाद में अवैध कॉलोनियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी लोग बिना अनुमति के कॉलोनी काटने या निर्माण करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे प्राधिकरण से स्वीकृत योजनाओं में ही निवेश करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
कार्रवाई के दौरान हुआ हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ता व कॉलोनाइज़र मौके पर पहुंचकर विरोध पर उतर आए। सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं से तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन जीडीए पुलिस बल की सख्ती के चलते उन्हें मौके से हटाया गया और कार्रवाई निर्बाध रूप से पूरी की गई।
खरीदारों को चेतावनी: न करें अवैध कॉलोनियों में निवेश
कार्रवाई के दौरान जीडीए अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और संभावित खरीदारों से अपील की कि वे ऐसी अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट या मकान न खरीदें। जीडीए की ओर से स्पष्ट कहा गया कि बिना मंजूरी विकसित कॉलोनियां न तो वैध हैं और न ही भविष्य में किसी सुविधा की गारंटी दी जा सकती है।

















