-श्रद्धा, सेवा और स्वच्छता का त्रिवेणी संगम बना नगर निगम का कांवड़ शिविर
-महापौर, जिलाधिकारी व नगर आयुक्त ने स्वयं किया पूजा-अर्चना, शिवभक्तों को कराया फलाहार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन की पावन बेला में जब शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर हर-हर बम-बम के जयकारों के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं, तब रास्ते में उनकी थकान हरने और सेवा देने का संकल्प लेकर गाजियाबाद नगर निगम पूरी श्रद्धा से उनके स्वागत में खड़ा है। इस क्रम में नगर निगम द्वारा आयोजित छह दिवसीय भव्य कांवड़ शिविर का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन महापौर सुनीता दयाल, जिलाधिकारी दीपक मीणा और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संयुक्त रुप मिलकर किया। पूजा-अर्चना के बाद सभी अधिकारियों ने स्वयं श्रद्धालुओं को फलाहार परोसा, प्रसाद बांटा और शिविर में मौजूद व्यवस्थाओं का गहराई से निरीक्षण भी किया। इस शिविर में साईं सेवा ट्रस्ट की टीम प्रशासन के साथ मिलकर 24 घंटे सेवा में जुटी हुई है।
शिविर में पहुंचते ही कांवडिय़ों को फलाहार, जल सेवा, प्राथमिक उपचार, विश्राम की जगह, दवा वितरण और प्रसाद की सुविधा मिल रही है। हर कोने पर स्वयंसेवक तैनात हैं, जो शिवभक्तों को उचित मार्गदर्शन और सहयोग दे रहे हैं। शिविर में महिला सुरक्षा के लिए पुलिस व महिला होमगार्ड तैनात किए गए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र, हेल्प डेस्क, पेयजल कूलर, मेडिकल हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं शिविर को एक आधुनिक और पूर्ण व्यवस्था वाला सेवा केंद्र बना रही हैं। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आयोजित यह शिविर न सिर्फ शिवभक्तों की सेवा कर रहा है, बल्कि नगर प्रशासन की संवेदनशीलता, सतर्कता और समर्पण की असल तस्वीर भी पेश कर रहा है। यह आयोजन सिद्ध करता है कि जब प्रशासन और समाज साथ मिलकर धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं, तो आस्था का रूप और भी भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो उठता है।
विश्रामगृह, स्वच्छ शौचालय, अलग सेवाएं हों व्यवस्थित
महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा हर वर्ष कांवड़ यात्रा में शिविर लगाया जाता है, लेकिन इस बार विशेष प्रयास किए गए हैं कि महिला श्रद्धालुओं को भी समान सुविधा, सम्मान और विश्राम का अवसर मिले। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए अलग शौचालय, नहाने की व्यवस्था और विश्राम कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा सफाईकर्मियों की टीम हर समय तत्पर रखी गई है, ताकि कोई असुविधा न हो।
सेवा का संदेश लेकर खड़े हैं प्रशासनिक अधिकारी: “यह सिर्फ ड्यूटी नहीं, पुण्य है”
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम का यह शिविर सिर्फ एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कांवडिय़ों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को जाना और निगम अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सब आस्था की इस यात्रा को गरिमा देने का कार्य कर रहे हैं।
हर शिविर को बनाएं पूर्ण प्लास्टिक मुक्त, यही सच्ची सेवा
साईं उपवन शिविर को बनाया गया पर्यावरण-अनुकूल और स्वच्छता का मॉडल केंद्र बनाने का संकल्प लेते हुए नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शिविर आयोजकों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिविर प्लास्टिक मुक्त हो, इसका पालन सख्ती से किया जाए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा जहां आस्था का प्रतीक है, वहीं पर्यावरण की रक्षा का भी अवसर है। साईं उपवन में लगे शिविर को पूर्णतया प्लास्टिक मुक्त घोषित करते हुए उन्होंने स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और साफ-सफाई टीमों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए।

















