याचिका कर्ता ने सरकार और आरबीआई को थैंक्यू बोला
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में लोन मोरेटोरियम प्रकरण की सुनवाई अब 18 नवम्बर को होगी। याचिका कर्ता ने देश की शीर्ष अदालत में केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) का आभार व्यक्त किया है। यह प्रकरण काफी समय में कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। लोन मोरेटोरियम अवधि के दरम्यान ब्याज पर ब्याज को माफ करने की मांग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका कर्ता ने छोटे कर्जदारों का हाथ थामने के लिए सरकार और आरबीआई का आभार जताया है। लोन मोरेटोरियम मामले में सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर को अगली सुनवाई होनी है। सनद रहे कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) के कारण लॉक डाउन लागू किया गया था। लॉक डाउन की वजह से बड़ी संख्या में नागरिकों को जॉब से हाथ धोना पड़ा था। नतीजन लोन की किस्तों का भुगतान करना मुश्किल हो गया था। रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की सहूलियत दी थी। यानी लोन पर किस्तें टाल दी गई थीं। किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेकर किस्त का भुगतान न करने पर उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाएगा। यानी अब मूलधऩ ब्याज पर ब्याज लगेगा। इसी ब्याज पर ब्याज का मामला देश की शीर्ष अदालत में विचाराधीन है। गत 14 अक्तूबर को सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि ब्याज पर ब्याज माफी योजना को जल्द लागू करना चाहिए। ऐसे में केंद्र सरकार ने सर्कुलर जारी करने को 15 नवंबर तक का समय मांगा था। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार 15 नवंबर तक इससे जुड़ा आदेश जारी कर देगी, मगर कोर्ट ने 2 नवंबर तक सर्कुलर जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि निर्णय को लागू करने में बेवजह का समय नहीं लगना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ऐसे कर्जदारों को राहत मिली है, जिन्हें ब्याज पर ब्याज की चिंता सता रही थी।
















