-ज्वेलर्स लूटकांड का खुलासा: मुठभेड़ में दो घायल समेत चार गिरफ्तार, लूटा गया सोना-चांदी बरामद, डीसीपी ट्रांस हिंडन की टीम को 25 हजार का इनाम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लिंक रोड क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई ज्वेलरी लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल के नेतृत्व में, जिनकी रणनीतिक सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते लुटेरों को न केवल बेनकाब किया गया, बल्कि लूटी गई भारी मात्रा में चांदी, सोना, नकदी और हथियार भी बरामद कर लिए गए। इस साहसिक कार्रवाई में दो बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी, जबकि दो अन्य को घेराबंदी करके गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें बिहार सहित विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक 24 जुलाई को दिनदहाड़े मानसी ज्वेलर्स पर फिल्मी अंदाज़ में लूट को अंजाम देने वाले बदमाशों ने दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी में किराए के मकान में बैठकर पूरी साजिश रची थी। गिरोह के सदस्यों ने इस वारदात के लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों की यूनिफॉर्म का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को शक न हो।
चोरी की स्प्लेंडर बाइक और नकली नंबर प्लेट के साथ दुकान पर पहुंचे बदमाशों ने मात्र कुछ मिनटों में लगभग 125 ग्राम सोना और 20 किलो चांदी पर हाथ साफ कर दिया। डीसीपी निमिष पाटिल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि लूट के तुरंत बाद आरोपियों ने गाजियाबाद से हरिद्वार और फिर बिहार के समस्तीपुर तक की दौड़ लगाई। इस दौरान पांच सौ ग्राम चांदी को हरिद्वार में 25 हजार रुपए में और पांच किलो चांदी को बिहार के पटपाड़ा गांव में 2.30 लाख रुपए में बेच दिया गया। पुलिस ने समस्तीपुर में माल की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम भेज दी है। गुरुवार सुबह गाजियाबाद पुलिस को सूचना मिली कि दो मुख्य आरोपी कपिल कुमार गौतम और मनीष उर्फ मोनू – वसुंधरा अंडरपास के पास मौजूद हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वॉट टीम और थाना लिंक रोड की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, जहां मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में इन दोनों ने पूरे गिरोह का खुलासा किया। इनके कब्जे से लूटी गई चांदी, नकदी, तमंचे, कारतूस और लूट में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई।
इसी लूटकांड में शामिल अन्य दो बदमाश मोहम्मद महताब और दीपू को कौशांबी बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया, जहां वे लूटा गया माल आपस में बांटकर फरार होने की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार पांचवां आरोपी जयप्रकाश अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। कपिल कुमार गौतम के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे कुल आठ मामले दर्ज हैं, जबकि मनीष उर्फ मोनू पर सात संगीन मुकदमे हैं। बाकी दो आरोपियों पर भी लूट के मामले दर्ज हैं और उनके अन्य आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है।
डीसीपी ने इस केस के सफल अनावरण के लिए टीम को ?25,000 नकद इनाम देने की घोषणा की और बताया कि यह सफलता केवल बल प्रयोग नहीं, बल्कि सर्विलांस, डिजिटल विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और लोकल इंटेलिजेंस के माध्यम से संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब इस पूरे गैंग के नेटवर्क की परतें खोलने में लगी है और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। ज्वेलर्स लूट जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में जिस त्वरितता, रणनीति और दबाव के साथ गाजियाबाद पुलिस ने कार्रवाई की है, वह न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आमजन के लिए राहत और भरोसे की पुष्टि भी। डीसीपी निमिष पाटिल और उनकी टीम की यह कार्यप्रणाली अपराध के खिलाफ एक निर्णायक संदेश बनकर सामने आई है।



















