इंदिरापुरम में 21 सितंबर को दिखेगा एकता और परंपरा का विराट स्वरूप
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में वैश्य अग्रवाल परिवार इस बार महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक शोभायात्रा निकालने जा रहा है। 21 सितंबर को होने वाली इस शोभायात्रा के लिए मंगलवार को अग्रवाल समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने सांसद अतुल गर्ग और मेयर सुनीता दयाल को क्रमश: मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। दोनों गणमान्य अतिथियों ने शोभायात्रा में शामिल होने की सहमति जताई और अग्रवाल परिवार की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। संयोजक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि यह शोभायात्रा अब तक की सबसे बड़ी और भव्य शोभायात्रा होगी। इसकी लंबाई लगभग साढ़े तीन किलोमीटर (3.50 किमी) तक रहेगी। शोभायात्रा में समाज की परंपराओं और श्रद्धा का संगम देखने को मिलेगा। इस शोभायात्रा में 18 युवराज घोड़ों पर सवार होकर समाज की वीरता और परंपरा का प्रतीक प्रस्तुत करेंगे। साथ ही महाराजा अग्रसेन, मां माधवी और मां काली की झांकियां शोभा बढ़ाएंगी।
इन झांकियों का अद्भुत दृश्य उपस्थित लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर कलश यात्रा में शामिल होंगी। इसके साथ ही महाराजा अग्रसेन के वंशजों और समाज के हजारों लोग इसमें भाग लेंगे। यह विराट समूह समाज की एकता और सहयोग का संदेश देगा। शोभायात्रा शिप्रा सनसिटी मंदिर से शुरू होकर वैभव खंड की सोसाइटी, ऑरेंज काउंटी, एटीएस, लोटस पॉन्ड, कृष्ण अपरा, आदित्य मेघा सिटी होते हुए निकलेगी। इसके बाद यह यात्रा महाराजा अग्रसेन मार्ग से गुजरते हुए महाराजा अग्रसेन चौक पर आकर संपन्न होगी।
संयोजक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इंदिरापुरम में आज लगभग 10 हजार अग्रवाल परिवार रहते हैं। इस शोभायात्रा के माध्यम से हर साल अग्रवाल समाज एकता, सहयोग और सामूहिकता का संदेश देता है।
समाज का उद्देश्य है कि सभी लोग एक-दूसरे की मदद करके एकरूपता में रहें और समाज को मजबूती प्रदान करें। इस अवसर पर उपाध्यक्ष शिव मित्तल, ट्रस्ट के संयोजक अनिल जैन, अध्यक्ष सरवन कुमार गर्ग, इंदिरापुरम पार्षद धीरज अग्रवाल और पूर्व पार्षद अभिनव जैन भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल और यादगार बनाने का संकल्प लिया। इंदिरापुरम की महाराजा अग्रसेन शोभायात्रा इस बार केवल परंपरा का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और सहयोग का भी भव्य प्रदर्शन होगी। पूरा क्षेत्र इस ऐतिहासिक यात्रा का गवाह बनेगा और अग्रवाल समाज का यह प्रयास गाजियाबाद के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ देगा।
















