गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार डूब क्षेत्र में बुलडोजर का हल्लाबोल

-जीडीए ने अवैध कॉलोनी व स्वीमिंग पूल ध्वस्त किए, करोड़ों की जमीन कब्जामुक्त

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अवैध कॉलोनाइजरों पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) का बुलडोज़र लगातार गरज रहा है। मंगलवार को जीडीए प्रवर्तन टीम ने सिद्धार्थ विहार स्थित डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान न सिर्फ दो अवैध कॉलोनियों की प्लॉटिंग और डिमार्केशन को ध्वस्त किया गया, बल्कि एक अस्थाई कार्यालय, बाउंड्रीवॉल और यहां तक कि बनाया गया अवैध स्वीमिंग पूल भी जमींदोज़ कर दिया गया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के कड़े निर्देशों के बाद प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। टीम का नेतृत्व प्रभारी अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार ने किया। उनके साथ सहायक अभियंता विनय कुमार, अवर अभियंता गिरिजा शंकर मल्ल और जीडीए पुलिस बल के जवान भी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान हिंडन नदी के समीप डूब क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया, जहां प्लॉटिंग के लिए डिमार्केशन का कार्य प्रारंभिक अवस्था में था। इसके अलावा दो अस्थाई कार्यालयों को भी बुलडोज़र से जमींदोज़ किया गया।

इसी क्षेत्र में एक अन्य अवैध कॉलोनी में भूखंडों की बाउंड्रीवॉल और स्वीमिंग पूल तक बना लिया गया था, जिसे पूरी तरह तोड़ दिया गया। जीडीए अधिकारियों के अनुसार, जिस कॉलोनी में यह कार्रवाई की गई, उसे पूर्व में भी कई बार ध्वस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद अवैध कॉलोनाइजर लगातार फिर से प्लॉटिंग और निर्माण का प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों ने साफ किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर डूब क्षेत्र या प्रतिबंधित भूमि पर अवैध कॉलोनी नहीं बनने दी जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा है कि अवैध कॉलोनियों और गैर-कानूनी निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आम लोगों को भी चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदकर अपने पैसे को जोखिम में न डालें। गाजियाबाद में अनाधिकृत कॉलोनियों और डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चलता रहेगा। लोगों की मेहनत की कमाई को डुबोने वाले कॉलोनाइज़र अब जेल जाएंगे। मंगलवार की इस कार्रवाई में डूब क्षेत्र की करोड़ों रुपये की जमीन कब्जामुक्त कराई गई। जीडीए अधिकारियों ने बताया कि आगे भी प्रवर्तन टीमें ऐसी अवैध गतिविधियों पर चौकसी रखे हुए हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने दोबारा अपील की है कि लोग अवैध कॉलोनाइज़रों के झांसे में न आएं और केवल अनुमोदित/लाइसेंसी प्रोजेक्ट्स में ही निवेश करें।