गाजियाबाद। जिलाधिकारी ने इन्द्र विक्रम सिंह ने शादी-विवाह योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और सभासदों के जरिए प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित कक्ष में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने जिला दिव्यांगता समिति की बैठक की। बैठक में एसीपी अजय कुमार सिंह,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव,जिला विद्यालय निरीक्षक,जिला प्रोबेशन अधिकारी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रतिनिधि ,जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सुधीर कुमार, आनंद ट्रेनिंग सेंटर, अद्यैत फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं जैसे दिव्यांग पेंशन,फैमिली आईडी कार्ड, कृत्रिम अंग सहायक उपकरण योजना, दुकान निर्माण,संचालन योजना, शादी प्रोत्साहन पुरस्कार योजना की समीक्षा की।
उन्होंने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि शादी-विवाह योजना का ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान एवं शहरी क्षेत्र में पार्षदों और सभासदों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने के लिए सूचना विभाग के माध्यम से समय-समय पर विज्ञप्ति जारी कराई जाए। जनपद में ऐसे दिव्यांगजन जिनका विवाह अप्रैल-2023 के बाद हुआ है। ऐसे दिव्यांगजनों को उक्त योजना से लाभान्वित कराया जाए। कॉक्लियर इम्प्लाट योजना में शून्य से 5 वर्ष तक के मूक-बधिर दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराए जाने के लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिससे पात्र मूक-बधिर दिव्यांग बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट कराया जा सकें। उक्त योजना के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय विकास भवन में किसी भी कार्य दिवस में संपर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
दिव्यांगजनों के विशिष्ट पहचान के लिए जारी किए जाने वाले यूडीआईडी कार्ड के संबंध में प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि उक्त सभी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को योजनाओं से लाभान्वित कराया जाए। बैठक में उपस्थित सदस्य द्वारा दिव्यांगजनों को बस स्टाप के अलावा रोडवेज बसें न रोकने की शिकायत की गई। जो दूसरे जनपद से संबंधित है।जिलाधिकारी ने रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक से अपेक्षा की है कि जनपद के दिव्यांगजनों की सुगम यात्रा के लिए बसों के चालक-परिचालकों को निर्देशित करना सुनिश्चित करें कि दिव्यांगजन के लिए बस स्टॉप के अलावा रोडवेज बसों को रोक कर दिव्यांगजन को बैठाया जाए। जिससे दिव्यांगजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
















