-कविनगर रामलीला मैदान से शहरभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश
-नगर आयुक्त, पार्षदों और नागरिकों ने भी झाड़ू लगाकर किया श्रमदान
-गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की अभिनव पहल ने शहर की स्वच्छता को और किया प्रभावशाली
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। “स्वच्छ शहर, स्वस्थ नागरिक” के संकल्प को और मजबूत करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने गुरुवार को ‘एक तारीख, एक घंटा, एक दिन’ विशेष सफाई अभियान का भव्य आयोजन किया। कविनगर रामलीला मैदान में आयोजित इस अभियान का शुभारंभ महापौर सुनीता दयाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर किया और सभी नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। नगर आयुक्त, सभी वार्डों के पार्षद, निगम अधिकारी, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की। स्कूली बच्चों ने भी झाड़ू लगाकर, झाडिय़ों की सफाई करके और शहर को स्वच्छ बनाने में योगदान देकर यह दिखाया कि स्वच्छता की जिम्मेदारी हर नागरिक की है। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि जिस शहर के बच्चे सफाई अभियान का हिस्सा बन जाते हैं, उस शहर को ऊंचाई पर जाने से कोई नहीं रोक सकता।
यह हमारा शहर है, इसे साफ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की अभिनव पहल भी की जा रही है। डेयरियों से निकलने वाले गोबर का उपयोग पर्यावरण हितैषी पेंट बनाने में किया जाएगा, जिससे कचरे की समस्या कम होगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी। इस अवसर पर पार्षद कुलदीप त्यागी, शीतल देओल, पवन गौतम, नितिन कुमार, चीफ वार्डन ललित जैसवाल, अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय, जीएम जल के.पी. आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता आस कुमार, जोनल प्रभारी राजेश गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी ने स्वयं झाड़ू लगाकर नागरिकों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में महापौर ने स्कूली बच्चों को फल और अन्य उपयोगी वस्तुएं वितरित की और बच्चों ने शपथ ली कि वे घर-घर में स्वच्छता का संदेश फैलाएंगे। पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाया गया, लेकिन रामलीला मंच से सफाई अभियान शुरू करने की अनोखी पहल केवल गाजियाबाद में हुई, जिससे अभियान का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी उजागर हुआ और इसका प्रभाव और भी व्यापक हुआ।
















