• ग्रीन बेल्ट पर बनी मजार को लेकर गरजीं महापौर, जेसीबी चलवाकर कराया समतलीकरण
• नगर निगम की ग्रीन बेल्ट जमीन पर बन रही थी अवैध मजार, महापौर ने मौके पर पहुंचकर कराया साफ
• सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, मौलवी को फटकारते दिखीं महापौर
• अवैध कब्जा हटाकर पौधारोपण किया गया, स्नढ्ढक्र दर्ज करने के निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जीटी रोड किनारे नए बस स्टैंड के पास ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध रूप से बनी मजार पर शनिवार को महापौर सुनीता दयाल का बुलडोज़र चला। महापौर खुद मौके पर पहुंचीं और नगर निगम की टीम को निर्देश देकर मजार के चारों ओर बिछी ईंटों को हटवाया और जेसीबी से मिट्टी समतल कराई गई। इसके बाद महापौर ने खुद वहां पौधा रोपित कर इस अवैध कब्जे को खत्म करने का संदेश दिया। इस कार्रवाई से एक दिन पहले शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान जब महापौर की नजर ग्रीन बेल्ट पर बनी इस मजार पर पड़ी तो उन्होंने वहीं मौजूद मौलवी को जमकर फटकार लगाई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें महापौर मौलवी से कहती दिख रही हैं तुम्हारे घर वालों की जमीन है क्या? दुकानदारी बंद करो और डासना जाकर बैठो। महापौर ने मौके पर साफ कहा कि ग्रीन बेल्ट की भूमि पर किसी भी धार्मिक, निजी या व्यावसायिक निर्माण की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
उन्होंने मौलवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी मौके पर ही अधिकारियों को दिए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए नगर निगम टीम को लगाया। शनिवार सुबह महापौर ने स्वयं मौजूद रहकर मजार के चारों ओर की ईंटें हटवाईं और फिर जेसीबी से मिट्टी समतल कराई। इसके बाद खाली स्थान पर पौधा रोपण करके ग्रीन बेल्ट के रूप में उसे पुन: संरक्षित किया। महापौर ने यह भी कहा कि जिस ग्याजुद्दीन के नाम पर यह मजार बनाई गई है, उसकी सत्यता की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुछ लोग मजहब के नाम पर धंधा चला रहे हैं और समाज में गंदगी फैला रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापौर की इस कार्रवाई के बाद शहर में सरकारी जमीन पर बनी अन्य मजारों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। महापौर का कहना है कि जब तक यह सिद्ध नहीं हो जाता कि यह वाकई किसी की कब्र है, तब तक इसे मजार मानने का कोई आधार नहीं है। जांच पूरी होने के बाद मजार पर भी निर्णय लिया जाएगा। उनकी सख्ती के चलते अब यह कथित मजार एक कब्र के आकार में सिमटकर रह गई है, जहां अब पौधा लगा दिया गया है। मौके पर पहुंचते ही मजार के पास बैठने वाला फकीर वहां से फरार हो गया। महापौर सुनीता दयाल की इस कार्रवाई को नगर निगम की भूमि सुरक्षा और अवैध धार्मिक ढांचों के खिलाफ बड़ी मुहिम के रूप में देखा जा रहा है।
















