-विजयनगर की 10 एमएलडी गंगाजल योजना पर जताई नाराजगी, 10 दिन में शिलान्यास का अल्टीमेटम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर महापौर सुनीता दयाल ने सोमवार को नगर निगम और जल निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में महापौर ने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीवर कार्यों की जिम्मेदारी जल निगम की है, लेकिन अधिकारियों द्वारा इसकी निगरानी तक नहीं की जा रही है, जिससे नगर निगम को बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बैठक में मौजूद जीएम जल के.पी. आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार, जल निगम अधिशासी अभियंता ब्रह्मानंद और अरुण प्रताप को महापौर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सीवर कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग जल निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकारी इसमें लापरवाही बरत रहे हैं।
महापौर ने कहा कि यदि अब भी सुधार नहीं हुआ तो कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। महापौर ने खासतौर पर विजय नगर क्षेत्र के लिए स्वीकृत 10 एमएलडी पेयजल लाइन के लंबित कार्य पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 17 करोड़ रुपये की लागत से इस योजना को पास किया गया था, लेकिन जल निगम की सुस्ती के चलते अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ। इस देरी से विजय नगर के हजारों परिवारों को गंगाजल के संकट से जूझना पड़ रहा है।
लंबी वार्ता के बाद बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अगले 10 दिनों के भीतर गंगाजल लाइन का शिलान्यास कराया जाएगा। महापौर ने कहा कि इस कार्य के शुरू होते ही विजय नगर में गंगाजल संकट का समाधान हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समयबद्ध तरीके से काम पूरे किए जाएं।
















