गुजरात सीमा के पास पड़ोसी देशों का सैन्य अभ्यास

नापाक मंशा : गरजे चीन-पाकिस्तान के लड़ाकू विमान

बीजिंग। भारत पर दबाव बनाने के लिए चीन-पाकिस्तान की जुगलबंदी फिर सामने आई है। दोनों मित्र देशों ने गुजरात सीमा के पास सैन्य अभ्यास किया है। चीन-पाक की इस रणनीति को भारत को डराने और दबाव में लेने की दृष्टि से देखा जा रहा है। हालांकि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। चीन ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास हेतु अपने लड़ाकू विमानों और सैनिकों को भारत के गुजरात सीमा के निकट पाकिस्तानी एयरबेस पर भेजा है। चीनी सेना ने कहा है कि वायु सेना की इस ड्रिल का मकसद दोनों ताकतों के वास्तविक युद्ध प्रशिक्षण को बेहतर बनाना था। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने कहा है कि चीनी वायु सेना के सैनिकों ने 7 दिसंबर को चीन-पाकिस्तान संयुक्त वायु सेना अभ्यास शाहीन (ईगल)-आई एक्स में भाग लेने को पाकिस्तान के सिंध में थाटा जनपद के भोलारी में पाक वायु सेना के हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी। इस ड्रिल का यह नवीनतम संस्करण पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ जारी भारत-चीन सीमा संघर्ष की पृष्ठभूमि में होगा। माना जा रहा है कि चीन-पाकिस्तान का यह संयुक्त अभ्यास दिसंबर के अंत तक चलेगा। यह संयुक्त वायु सेना अभ्यास दोनों सैन्य शक्तियों के 2020 सहयोग योजना की एक उप-योजना है। पीएलए के बयान में कहा गया है कि यह अभ्यास चीन-पाकिस्तान के बीच सैन्य संबंधों के विकास को बढ़ावा देगा। इसके अलावा दोनों वायु सेनाओं के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाएगा। दोनों पक्षों के वास्तविक युद्ध प्रशिक्षण स्तर में सुधार करेगा। शाहीन ड्रिल का पिछले संस्करण सितंबर 2019 में चीन के शिनजियांग में आयोजित किया गया था। तब दोनों देशों के करीब 50 युद्धक विमानों ने इसमें भाग लिया था। बता दें कि भारत-चीन के मध्य लंबे समय से लद्दाख सीमा पर गतिरोध चल रहा है। पाकिस्तान भी चीन के इशारे पर जब-तब भारत से उलझता नजर आता है।