-सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सख्ती से हड़कंप, चेतावनी के बाद अब सीधी कार्रवाई
-ओवररेटिंग, बिना नियम संचालन और लापरवाही पर लाइसेंस निरस्तीकरण तय
-ग्राहक की जेब, सरकार का राजस्व और कानून-तीनों की सुरक्षा बना लक्ष्य
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जनपद में आबकारी व्यवस्था को भ्रष्टाचार, मनमानी और उपभोक्ता शोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने ‘मिशन अनुशासन’ की शुरुआत कर दी है। इस मिशन का स्पष्ट उद्देश्य है-नियमों का शत-प्रतिशत पालन, राजस्व की सुरक्षा और आम नागरिकों को निर्धारित मूल्य पर पारदर्शी व्यवस्था के तहत सुविधा उपलब्ध कराना। मिशन मोड में कार्य करते हुए जिला आबकारी अधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब जिले में न तो ओवररेटिंग चलेगी, न ही नियमों की अनदेखी और न ही किसी प्रकार की सिफारिश। जिला आबकारी अधिकारी की इस मुहिम के तहत पहले चेतावनी और उसके बाद सीधी वैधानिक कार्रवाई की नीति को अमल में लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आबकारी विभाग की छवि को धूमिल करने वाले अनुज्ञापी या विक्रेता अब किसी भी स्थिति में बच नहीं पाएंगे। नियम तोड़ने पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ-साथ कारावास की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। यह संदेश साफ है कि आबकारी विभाग अब केवल राजस्व वसूली तक सीमित नहीं, बल्कि अनुशासन और जवाबदेही का मजबूत स्तंभ बनेगा।
इसी क्रम में बुधवार को जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राजस्व प्राप्तियों एवं प्रवर्तन कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, सचिन त्रिपाठी, अभिनव शाही, डॉ शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अखिलेश बिहारी वर्मा और संजय चन्द्र एवं जनपद के अनुज्ञापी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था-मिशन अनुशासन के अंतर्गत सभी को नियमों की याद दिलाना और यह बताना कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल लाइसेंस ले लेना पर्याप्त नहीं है। यदि किसी अनुज्ञापी ने दुकान ली है, तो उसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वह स्वयं दुकान की निगरानी करे। विक्रेता की हर गतिविधि पर नजर रखी जाए। दुकान का संचालन निर्धारित समय और नियमों के अनुसार ही होगा। नियमों के विरुद्ध दुकान खुली मिली या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई, तो सीधे लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने में कोई देरी नहीं होगी। मिशन अनुशासन के तहत ओवररेटिंग के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। जिला आबकारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर गोपनीय रूप से लगातार परीक्षण खरीद की जाए।
यदि किसी भी दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेची जाती पाई गई, तो तत्काल नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उनका स्पष्ट कहना था कि आम नागरिक की जेब पर डाका डालने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। सुरक्षा और जागरूकता को मिशन का अहम हिस्सा बनाते हुए सभी दुकानों पर नशे में वाहन न चलाने संबंधी चेतावनी पट्ट तथा नागरिक एप्लिकेशन से संबंधित सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी विक्रेताओं का पुलिस सत्यापन कराए बिना दुकान संचालन न किया जाए। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला आबकारी अधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी दुकानों पर टोल फ्री नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो और सभी प्रमुख ब्रांड की उपलब्धता दुकानों पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शत-प्रतिशत बिक्री इलेक्ट्रॉनिक विक्रय यंत्र के माध्यम से की जाए और उसी के अनुरूप उपभोग रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए।
ऑनलाइन माध्यम से अधिकाधिक बिक्री सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी दुकानों पर लगे निगरानी कैमरों को वास्तविक समय में संचालित रखने और कम से कम एक माह का बैकअप सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैमरे केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का माध्यम हैं। बैठक में जहां एक ओर जिला आबकारी अधिकारी की सख्ती साफ नजर आई, वहीं दूसरी ओर उनकी संतुलित और व्यावहारिक कार्यशैली भी देखने को मिली। उन्होंने अनुज्ञापियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि नियमों के दायरे में रहते हुए उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जाएगा। ‘मिशन अनुशासन’ के जरिए जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि गौतमबुद्ध नगर में अब आबकारी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, अनुशासित और कानूनसम्मत होगी। यह मिशन न केवल राजस्व की सुरक्षा करेगा, बल्कि आम नागरिकों के हितों की भी प्रभावी रक्षा सुनिश्चित करेगा।

















