नोएडा को मिला स्मार्ट ट्रैफिक समाधान, सेक्टर-62 में बनेगा सर्कुलर स्काईवॉक

  • 26.34 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास, 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य
  • एनएच-9 जंक्शन पर पैदल यात्रियों को मिलेगी सुरक्षित और आधुनिक आवाजाही
  • लिफ्ट-एस्केलेटर से लैस स्काईवॉक से जाम और हादसों पर लगेगा ब्रेक

नोएडा। गुड़गांव के बाद अब नोएडा में भी आधुनिक सर्कुलर स्काईवॉक बनने जा रहा है। नोएडा के सेक्टर-62 में प्रस्तावित इस स्काईवॉक का बुधवार को शिलान्यास कर दिया गया। परियोजना को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर करीब 26.34 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस स्काईवॉक के निर्माण से ट्रैफिक जाम और पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-62 वह प्रमुख जंक्शन है, जहां से एनएच-9 के माध्यम से नोएडा में सबसे बड़ा प्रवेश मार्ग जुड़ता है। यहां दिनभर भारी ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की आवाजाही रहती है, जिससे आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है। प्राधिकरण के अनुसार, स्काईवॉक के निर्माण से नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली, इंदिरापुरम और दिल्ली की ओर से आने-जाने वाले हजारों पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। अभी तक इस व्यस्त गोलचक्कर पर सड़क पार करना बेहद जोखिम भरा रहा है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्काईवॉक बनने के बाद पैदल यात्रियों को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस सर्कुलर स्काईवॉक में चार प्रमुख स्थानों पर एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। इनमें सेक्टर-62 और सेक्टर-63 की ओर जाने वाले मार्गों के साथ-साथ एनएच-9 की दिशा में आने-जाने वाले रास्ते शामिल होंगे। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी। स्काईवॉक की कुल लंबाई लगभग 530 मीटर प्रस्तावित है, जिसमें गोलाकार हिस्से की लंबाई करीब 350 मीटर और सीधा भाग लगभग 180 मीटर होगा। पैदल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसमें दो लिफ्ट और दो एस्केलेटर लगाए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीईओ कृष्णा करुणेश का कहना है कि यह परियोजना नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देगी और स्मार्ट सिटी की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। स्काईवॉक के निर्माण से जहां ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू होगी, वहीं पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध होगा।