-650 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता से सांस्कृतिक वातावरण हुआ जीवंत
-मुख्य अतिथि योगेश पाठक ने व्यवहारिक शिक्षा को बताया विकास की आधारशिला
-गायन, नृत्य, खेल व रचनात्मक प्रतियोगिताओं में युवाओं ने दिखाई बहुमुखी प्रतिभा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मॉडर्न कॉलेज, मोहन नगर की सांस्कृतिक साहित्यिक समिति के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित दो दिवसीय वार्षिकोत्सव समारोह ‘नव उत्कर्ष 2026’ का शनिवार को महाविद्यालय परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। 28 एवं 29 मार्च को आयोजित होने वाले इस वार्षिकोत्सव ने पहले ही दिन उत्साह, ऊर्जा और रचनात्मकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों से आए लगभग 650 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई, जिससे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में गाजियाबाद के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक श्री योगेश पाठक उपस्थित रहे। महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने उनका स्वागत पुष्पगुच्छ एवं सम्मान चिह्न भेंट कर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि योगेश पाठक ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती। जब तक विद्यार्थियों में व्यवहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और सामाजिक समझ विकसित नहीं होगी, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था बहु-विषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक निर्णय क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना सिखाती है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए जीवन में निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। वार्षिकोत्सव के प्रथम दिवस में अनेक कला, सांस्कृतिक एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें एकल गायन, एकल नृत्य, शतरंज, खजाना खोज प्रतियोगिता, कैरम, मेहंदी कला, मुख सज्जा कला तथा लघु चलचित्र निर्माण प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत की मधुर स्वर लहरियों, नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों और रचनात्मक कलाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों का उत्साह देखने योग्य रहा। शतरंज और कैरम जैसी बौद्धिक प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं खजाना खोज प्रतियोगिता ने टीम भावना और त्वरित निर्णय क्षमता की परीक्षा ली।
मेहंदी और मुख सज्जा कला प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सृजनात्मक कल्पनाशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार सभी प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन निर्धारित मानदंडों के आधार पर विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं के परिणाम 29 मार्च 2026 को समापन समारोह के दौरान घोषित किए जाएंगे। विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में अद्भुत ऊर्जा और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का वातावरण दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया बल्कि आपसी सहयोग, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि मंच, प्रतियोगिता और सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बनती हैं। वार्षिकोत्सव ‘नव उत्कर्ष 2026’ का प्रथम दिवस उत्साह, रचनात्मकता और युवा ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। अब सभी की निगाहें दूसरे दिवस पर टिकी हैं, जहां प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे और उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन निश्चित रूप से विद्यार्थियों के जीवन में नई प्रेरणा और आत्मविश्वास का संचार करने वाला सिद्ध हो रहा है।

















