‘ऑपरेशन प्रहार’ बना नशे के खिलाफ जनआंदोलन, युवाओं और महिलाओं को दिया जागरूकता का संदेश

-सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय की पहल, नशामुक्त समाज के निर्माण की मजबूत शुरुआत
-युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और गलत संगति से दूर रहने की अपील
-मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को अधिकार, सुरक्षा और आत्मविश्वास का पाठ

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने तथा समाज में सकारात्मक वातावरण स्थापित करने के उद्देश्य से सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर उपासना पाण्डेय के नेतृत्व में शनिवार को ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं तथा महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्हें नशे के दुष्परिणामों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि उसके भविष्य, परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे जैसी विनाशकारी आदतों से दूर रहकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दें और समाज के विकास में योगदान करें। उन्होंने बताया कि आज के समय में युवाओं को सही मार्गदर्शन और जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि गलत संगति और जिज्ञासा के कारण कई युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाना भी उसकी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से ऑपरेशन प्रहार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जुडऩे की सलाह दी, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित युवाओं को बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति की कार्यक्षमता को समाप्त कर देती है और कई बार यह अपराध की ओर भी धकेल देती है। इसलिए समय रहते जागरूक होना और दूसरों को भी जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं को भी विशेष रूप से जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और पुलिस सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। सहायक पुलिस आयुक्त ने महिलाओं से कहा कि वे किसी भी प्रकार की असुरक्षा या उत्पीडऩ की स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे और समाज में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं और महिलाओं ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं तथा पुलिस अधिकारियों ने उनके प्रश्नों का समाधान किया।

इस पहल को उपस्थित लोगों ने सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना तथा महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाना रहा। पुलिस प्रशासन की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में पुलिस और जनता की साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।