अवैध डेयरियों पर नगर निगम का शिकंजा, एक ही दिन में 15 डेरीज पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 7.5 लाख जुर्माना वसूला

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। स्वच्छ गाजियाबाद के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में नगर निगम ने मोहन नगर जोन में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। नालों में गोबर बहाकर गंदगी फैलाने और अवैध रूप से डेरी संचालन की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए निगम की टीम ने एक साथ 15 अवैध डेरीज पर छापा मारा। इस कार्रवाई के तहत लगभग 100 पशुओं को जब्त किया गया और करीब 7.5 लाख का जुर्माना भी मौके पर वसूला गया। अभियान का नेतृत्व पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी और जोनल प्रभारी मोहन नगर द्वारा किया गया। साथ ही प्रवर्तन दल की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पशु चिकित्सा विभाग के उप मुख्य अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पसोंडा क्षेत्र से लगातार नालों में गोबर बहाने और क्षेत्र में गंदगी फैलाने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिनके आधार पर विशेष दिन निर्धारित कर यह संयुक्त अभियान चलाया गया।

कार्यवाही के दौरान न केवल पशु जब्त किए गए बल्कि डेरी संचालकों को 10 रुपये के स्टांप पेपर पर एक महीने के भीतर डेरी हटाने का शपथ पत्र भी दिलवाया गया। यह कदम नगर निगम की गंभीरता को दर्शाता है कि अब लापरवाही पर सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त कार्यवाही होगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट रूप से कहा कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध डेरी संचालकों को चेतावनी दी जा चुकी है। अब यदि आदेशों की अनदेखी की गई तो पशुओं की नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त की संयुक्त रणनीति के तहत नगर निगम अब अवैध डेरीज़ के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय है। उनका उद्देश्य है कि गाजियाबाद की सड़कों, नालों और आवासीय इलाकों को अवैध पशुपालन से मुक्त कर शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाया जाए।

नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर डेरी हटाने की शपथ का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित पशुओं को जब्त कर कानूनी रूप से नीलाम किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई से मोहन नगर जोन सहित आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों ने राहत की सांस ली है। नगर निगम की यह मुहिम शहर को साफ-सुथरा और नियमों के अनुसार संचालित करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। लापरवाही बरती जा रही है उनके पशुओं की नीलामी भी नगर निगम के संबंधित विभाग द्वारा किए जाने के नगर आयुक्त ने निर्देश दिए।