पालतू कुत्तों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा

– मनमर्जी से नहीं पाल सकेंगे कुत्ते रजिस्ट्रेशन रिनुअल के लिए कुत्तों का कराना होगा नसबंदी

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। कुत्तों की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने कुत्ता पालने को लेकर बॉयलॉज (नियम) तैयार कर लिया है। नगर निगम कार्यकारणी में बॉयलॉज को स्वीकृति मिल गई है और आगामी बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। बोर्ड की सहमति के बाद कुत्तों को लेकर बनाये गये नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नगर निगम द्वारा तैयार किये गये बॉयलॉज के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को मनमर्जी के हिसाब से कुत्ता पालने की अनुमति नहीं होगी। एक साल के अंदर कुत्तों की नसबंदी करानी होगी।

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नसबंदी कराने के बाद ही कुत्तों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यूअल किया जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कुत्ता पालने पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। गाजियाबाद के मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि पिटबुल, रॉटविलर, डोगो अर्जीटना नस्ल के कुत्ते पालने पर पूर्णत: रोक है। इसके अलावा किसी भी अन्य नस्ल के कुत्तों को घर में रखने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के समय डॉग वैक्सीनेशन के अलावा डॉग का नसबंदी प्रमाण पत्र भी दिखाना होगा।

डॉ. अनुज सिंह ने बताया आवारा कुत्तों के नसबंदी का अभियान तेजी से चल रहा है। जहां भी आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत मिल रही है वहां की आरडब्ल्यूए एवं स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर लोगों को कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए काम किया जा रहा है। कई लोगों द्वारा घरों में मनमर्जी से कुत्तों को पाला जा रहा है। इसको लेकर अब सख्ती बरती जाएगी। 200 वर्गमीटर तक के मकान के लिए अधिकतम 2 कुत्तों को रखने की अनुमति होगी। 300 मीटर से बड़ा मकान होने पर अधिकतम 4 कुत्तों की अनुमति होगी। यदि कोई व्यक्ति किसी घर में डॉग ब्रीडिंग सेंटर चलाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।