• नागरिक सुविधा और त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है: विक्रमादित्य सिंह मलिक
• नागरिकों ने रखी अपनी शिकायतें और सुझाव, विभागीय टीमों ने तुरंत की कार्रवाई
• पार्षदों और जनता की सक्रिय भागीदारी, प्रशासन ने दिखाई प्रतिबद्धता और पारदर्शिता
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित संभव जनसुनवाई ने प्रशासनिक तत्परता और नागरिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर कुल 13 संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें स्वास्थ्य और उद्यान विभाग से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक थीं। जनसुनवाई में नंदग्राम, दीनदयाल पुरी, दीना गढ़ी, स्वर्ण जयंतीपुरम, गोविंदपुरम, सेक्टर-23 संजयनगर, विजयनगर, शक्ति खंड इंदिरापुरम और रईसपुर सहित कई क्षेत्रों से नागरिक उपस्थित थे। उन्होंने मुख्य रूप से सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाइट की खराब स्थिति, पार्कों की देखरेख, निर्माण कार्यों में देरी, जलापूर्ति की अनियमितता, संपत्ति विवाद और अतिक्रमण से संबंधित समस्याएँ नगर आयुक्त के समक्ष रखीं। नगर आयुक्त ने कहा कि संभव दिवस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी समस्या को लंबित न रखा जाए और संबंधित विभागीय टीमों को तुरंत मौके पर भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास का पुल हैं और इनसे शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। नगर निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को प्रशासन से सीधे जुडऩे और समस्याओं के समाधान में योगदान देने का अवसर मिलेगा। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को समय पर साझा करें और प्रशासन के साथ मिलकर शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाओं से संपन्न बनाने में सहयोग दें। इस कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि नगर निगम न केवल समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि शहर की मूलभूत सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए तत्पर है। नागरिकों की भागीदारी और प्रशासनिक तत्परता ने इस जनसुनवाई को सफल और प्रभावशाली बना दिया।
विभागों की त्वरित कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान कुल 13 संदर्भ दर्ज हुए। निर्माण विभाग से एक, स्वास्थ्य विभाग से तीन, उद्यान विभाग से तीन, प्रकाश विभाग से दो, संपत्ति विभाग से एक, नजारत विभाग से एक, जलकल विभाग से एक और अतिक्रमण से संबंधित एक मामला सामने आया। सभी मामलों में अधिकारियों ने मौके पर टीमों को रवाना किया और कई मामलों में तुरंत कार्य प्रारंभ कराया। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉक्टर अनुज कुमार सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके राय और अन्य विभागीय अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि सभी संदर्भों पर प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पार्षदों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान कई पार्षदों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को साझा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान पर चर्चा की और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा लिया। नागरिकों ने मौके पर ही अपने मुद्दों के समाधान की दिशा में अधिकारियों के कदमों की सराहना की। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन और जनता मिलकर ही शहर को व्यवस्थित और सुचारू बना सकते हैं।
नागरिक-केंद्रित प्रशासन का संदेश
नगर आयुक्त ने कहा कि संभव जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इससे शहरवासियों को यह भरोसा मिलता है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आने वाले दिनों में नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
समावेशिता और पारदर्शिता के साथ प्रशासनिक तत्परता
भविष्य में होने वाली जनसुनवाई में और अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी शिकायतों का समाधान पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रकार नगर निगम प्रशासन ने यह संदेश दिया कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
















