अधिकारी की बेटी ने मेडिकल परीक्षा में किया शानदार प्रदर्शन

– कम अंक आने पर निराश होने वाले छात्रों के लिए रोल मॉडल है प्रज्ञा सिंह
– नीट-2020 की प्रवेश परिक्षा में प्रज्ञा को 720 अंकों में से मिले 653 अंक
– पिछले वर्ष मिले थे 380 अंक, निराश होने के बजाय स्टडी पर किया फोकस
– गाजियाबाद नगर निगम में एकाउंट विभाग में अधिकारी हैं प्रज्ञा के पिता जेपी सिंह
– नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सफलता पर दी बधाई
– परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रज्ञा ने सोशल मीडिया से खूद को पूरी तरह दूर रखा

उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। प्रज्ञा सिंह टॉपर नहीं है लेकिन वह किसी टॉपर से कम भी नहीं है। प्रज्ञा हजारों ऐसे बच्चों के लिए प्रेरणा है जो कम अंक आने पर तनाव में आ जाते हैं और परीक्षा की तैयारी छोड़ देते हैं। मेडिकल इंट्रेंस एग्जाम नीट-2020 के सफल परीक्षार्थी प्रज्ञा की सफलता ऐसे छात्रों में जोश भरने वाला है जो औसत श्रेणी के छात्र हैं और पहली बार एग्जाम में अच्छे अंक नहीं ला पाते हैं। पिछले वर्ष प्रज्ञा को 380 अंक मिले थे लेकिन निराश होने के बजाय उसने इस वर्ष और अधिक मेहनत से तैयारी की और 653 अंक हासिल किया। प्रज्ञा की सफलता से ना सिर्फ उसके परिजन और रिश्तेदार ही नहीं बल्कि कॉलोनीवासी भी बेहद खुश हैं। नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रज्ञा के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उसे बधाई दी।
गाजियाबाद अकाउंट विभाग में वरिष्ठ अधिकारी जेपी सिंह की बेटी प्रज्ञा सिंह ने नीट-2020 की परीक्षा में उम्दा प्रदर्शन किया है। प्रज्ञा ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 720 में से 653 अंक हासिल किए हैं। प्रज्ञा की आॅल इंडिया रैंक 3261 और कैटेगरी रैंक 1865 है। इस कामयाबी के बाद प्रज्ञा बेहद प्रसन्न हैं। उसने कहा है कि हिम्मत, हौसला और मेहनत की बदौलत सफलता जरूर मिलती है। नीट परीक्षा क्लीयर होने से उत्साहित प्रज्ञा ने कहा कि यदि कभी आप असफल होते हैं तो खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और मन में यह नकारात्मक भाव नहीं आने देना चाहिए। यदि आप असफल होते हैं तो आपको यह मानकर और अधिक मेहनत करनी चाहिए कि प्रयासों में कुछ कमी रह गई है। मन में निराशा का भाव आने से कामयाबी दूर होने लगती है। मेहनत और लगन के जरिए अपनी मंजिल की तरफ पूरे आत्मविश्वास के साथ बढ़ते रहने से सफलता जरूर मिलती है। प्रज्ञा ने बताया कि पिछले वर्ष नीट परीक्षा में उसे 380 अंक मिले। मन उदास हुआ लेकिन हिम्मत और ईच्छाशक्ति और मजबूत हुई। लगा कि तैयारी में कुछ कमी रह गई और उसे इस वर्ष पूरा किया जा सकता है। वह कहती है कि आमतौर पर किसी परीक्षा में असफल होने पर प्रतिभागी निराश होकर सफलता की उम्मीद छोड़ देते हैं। जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। प्रज्ञा के पिता जेपी सिंह भी बेटी की कामयाबी से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों पर कभी दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्हें रास्ता जरूर दिखाना चाहिए, मगर दबाव डालना गलत है। जेपी सिंह बताते हैं कि उन्होंने प्रज्ञा पर कभी दबाव नहीं बनाया कि वह डॉक्टर बने और मेडिकल नीट की तैयारी करें। बेटी ने स्वयं कहा कि वह मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहती है और पिछली बार कम तैयारी होने के बावजूद वह परीक्षा में बैठी। इस कारण सही रैंक नहीं मिल पाई। इसके बाद उसने सेल्फ स्टडी पर खुद को फोकस्ड किया और अंतत: सफलता अर्जित की। होनहार प्रज्ञा सिंह ने 12वीं की पढ़ाई नेहरू नगर होली चाइल्ड स्कूल से की है। प्रज्ञा की प्रारंभिक शिक्षा जौनपुर से हुई। जबकि दसवीं की परीक्षा प्रयागराज से पास की। प्रज्ञा की सफलता पर नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी खुशी जाहिर की और जेपी सिंह को बधाई दी।