म्यांमार-थाईलैंड भूकंप: भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भेजी 48 टन राहत सामग्री एनडीआरएफ और सेना की विशेष टीम रवाना

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। म्यांमार और थाईलैंड में आए भीषण भूकंप के बाद भारत ने तुरंत मानवीय सहायता अभियान ‘ऑपरेशन ब्रह्माÓ शुरू कर दिया है। हिंडन एयरबेस से भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान द्वारा 48 टन राहत सामग्री भिजवाई गई है। इस आपदा में म्यांमार को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां हजारों लोग बेघर हो गए हैं। भारत सरकार ने आपातकालीन सहायता के रूप में एनडीआरएफ की दो विशेष बचाव टीमें और सेना के डॉक्टरों की मेडिकल टीम को रवाना किया है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निर्देश पर गाजियाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने एनडीआरएफ और भारतीय सेना के डॉक्टरों के लिए 200 से अधिक सरकारी पासपोर्ट जारी किए।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप के नेतृत्व में यह कार्य पूरी रात चला, ताकि राहत दल बिना देरी के रवाना हो सके। उन्होंने बताया कि यह मिशन भारत की तत्परता और मानवीय सेवा का उदाहरण है। एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन के कमांडेंट प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि भारत द्वारा भेजी गई पहली खेप में 33 टन आपदा राहत सामग्री शामिल थी, जिसमें खाद्य सामग्री, टेंट, कंबल, सोलर लैंप, पानी प्यूरीफायर, दवाइयां (पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स), जनरेटर सेट और हाइजीन किट भेजी गई हैं।

भारतीय सेना के आगरा बेस के डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल सहायता देने के लिए रवाना हुई है। ये डॉक्टर घायलों का इलाज करेंगे और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। म्यांमार में भूकंप के बाद भारत की यह त्वरित सहायता वैश्विक मंच पर एक मिसाल पेश कर रही है। भारत सरकार की इस मानवीय पहल से संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल्द ही राहत पहुंचने की उम्मीद है।