गौतमबुद्धनगर में नशा विरोधी मुहिम को नई गति, सभी विभागीय टीम हुई एकजुट

-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशा मुक्ति अभियान को नई दिशा
-सभी विभागों को निर्देश, नशा तस्करी और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सक्रिय रहने को कहा
-स्कूल, सार्वजनिक स्थल और मेडिकल स्टोरों पर निगरानी बढ़ाने के लिए उठाए गए विशेष कदम
-युवाओं को नशा मुक्त जीवन की ओर प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर
-नशा मुक्त जनपद के लिए जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। जनपद में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी और नशे पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने जनपद में अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और नियमित निरीक्षण के माध्यम से प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। विभाग की इस कार्यवाही को देखकर जिलाधिकारी ने प्रशंसा की और कार्यवाही में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बैठक की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व निभाने होंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, खरीद, बिक्री एवं ड्रग तस्करी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि ड्रग मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी, परामर्श और पुनर्वास गतिविधियों को मजबूत करने की आवश्यकता है। युवाओं को विशेष रूप से नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि वे नशा मुक्त जीवन यापन कर समाज के रचनात्मक सदस्य बन सकें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद की अंतरराज्यीय सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सतर्कता रखी जाएगी। इसके लिए इंटेलिजेंस तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा ताकि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों को समय रहते चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों-जैसे शिक्षा विभाग, पुलिस, एनसीबी, समाज कल्याण, जिला पूर्ति और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विशेष रूप से स्कूलों के पास गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा।

साथ ही छात्रों के माध्यम से वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध प्रतियोगिताओं के जरिए नशा मुक्ति का संदेश व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि विभाग ने अब तक जिले में कई मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जनपद को नशा मुक्त बनाना है। सभी मेडिकल स्टोरों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है और बिना लाइसेंस कोडीन युक्त दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है। जो भी अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसीपी पवन कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी तरुण कुमार, आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय, सचिन त्रिपाठी, अखिलेश बिहारी वर्मा, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, अभिनव शाही, संजय चंद्र, ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह, एनसीबी से नरेंद्र खारी, इंटेलिजेंस से तारिका झा, नोएडा प्राधिकरण से अनुज त्रिवेदी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जितेंद्र बहादुर समेत अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर नियंत्रण स्थापित करना केवल आबकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों को समन्वय के साथ इस अभियान को सफल बनाना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त गौतमबुद्धनगर के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तत्परता और सजगता से कार्य करें। इस बैठक के परिणामस्वरूप जनपद में नशा मुक्ति अभियान और आबकारी विभाग की सक्रियता को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे जनता में विश्वास और सुरक्षा का भाव भी बढ़ेगा।