-गौ आश्रय स्थलों में विजिट रजिस्टर, चौकीदार अवश्य रखें: लक्ष्मी वीएस
गाजियाबाद। जनपद में गौ आश्रय स्थलों में गोवंशों की सुरक्षा व्यवस्था एवं पोषण के लिए पर्याप्त इंतजाम रखे जाए। प्रदेश शासन से नामित नोडल अधिकारी एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी वीएस ने शनिवार को जनपद में गौ आश्रय स्थलों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौ आश्रय स्थलों में विजिट रजिस्टर रखा जाए और चौकीदार तैनात रहे। नोडल अधिकारी लक्ष्मी वीएस ने सीडीओ अभिनव गोपाल, उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, डॉ. आशीष त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीप्रकाश पांडेय आदि अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने एक नवंबर-2023 से शुरू निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान की मुख्य विकास अधिकारी के साथ समीक्षा भी की। वह सबसे पहले नगर निगम के नंदग्राम स्थित नंदी पार्क गौशाला का निरीक्षण करने के लिए पहुंचीं।निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई मौके पर संतोषजनक पाई गई।
ठंड से बचाव के इंतजाम किए गए थे। गोबर से लट्टू बनाने एवं वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने का कार्य होता पाया गया। नंदी पार्क के गेट पर विजिट रजिस्टर नहीं पाया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि गेट पर विजिट रजिस्टर रखा जाए। गौ आश्रय से संबंधित सभी अभिलेख तैयार रखे जाएं। गेट पर एक चौकीदार नियुक्त किया जाए। जो लोग गौ आश्रय में गोवंश को रोटी,गुड़ आदि दान करने के लिए आते हैं। उनके मोबाइल नंबर,नाम,वाहन नंबर आदि नोट किया जाए। इसके बाद उन्होंने नगर पंचायत डासना स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। गौशाला में 79 गोवंश रखे गए है। हरा चारा, भूसा की व्यवस्था,दाना की व्यवस्था मौके संतोषजनक पर मिली। आश्रय स्थल पर शेड विस्तारीकरण के लिए पर्याप्त स्थान है।लेकिन बरसात में जलभराव की स्थिति बताई गई। मौके पर उपस्थित अधिशासी अधिकारी को जलभराव की स्थिति से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए।
दैनिक रूप से पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण कराने, गौ आश्रय स्थल पर कार्यरत केयर टेकर से पूछताछ की गई। उसने बताया कि दिसंबर तक वेतन का भुगतान हो गया है। इसके बाद विकास भवन स्थित सभागार में नोडल अधिकारी लक्ष्मी वीएस ने खंड विकास अधिकारियों,पशु चिकित्सा अधिकारी,अधिशासी अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ अभियान की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में गोवंश संरक्षण के लक्ष्य 1000 के सापेक्ष 974 गोवंश संरक्षित पाए गए। जनपद में नए शेड बनाने की आवश्यकता बताई गई। सीडीओ अभिनव गोपाल ने नए शेड का निर्माण के लिए एस्टीमेट प्रस्तुत करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ने अभिलेख सही तरीके से सभी गौ आश्रय स्थलों पर तैयार करने के निर्देश दिए। नए गौ आश्रय स्थलों के निर्माण कार्य में तेजी लाने एवं सभी प्रस्तावित गौ आश्रय स्थलों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

















