- टर्मिनल बिल्डिंग में इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रहीं
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा। एटीसी टॉवर ओर रनवे का काम पहले ही पूरा हो चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग में घरेलू उड़ान के लिए सारे काम लगभग पूरे हो गए हैं। इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए जो जरूरी सुविधाएं हैं, उनको बनाया जा रहा है। काम तेजी से पूरा कराया जा रहा है। सरकार जल्द ही एयरपोर्ट के संचालन तिथि तय करेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में बनाया जा रहा है। एटीसी टावर और रनवे का काम पूरा हो चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग का काम चल रहा है। टर्मिनल बिल्डिंग में डोमेस्टिक एरिया का काम लगभग पूरा हो चुका है। जबकि इंटरनेशनल एरिया का काम 75% से अधिक पूरा हो चुका है। बचा हुआ काम 30 जून तक हर हाल में पूरा कर दिया जाएगा। बीते बुधवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने एयरपोर्ट का दौरा किया। अफसरों के साथ बैठक की। एक-एक बिंदु पर चर्चा की। अब तक एयरपोर्ट क्यों लेट हुआ, इसको जानने का प्रयास किया गया। मुख्य सचिव करीब तीन घंटे एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट के कार्य में शामिल सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के शेष निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के पूर्ण किया जाए। एयरपोर्ट राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विमान सेवा के संचालन की अंतिम समय सीमा शीघ्र घोषित की जाएगी। उन्होंने टर्मिनल भवन, कार्गो स्थल एवं अन्य निर्माणाधीन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट आर्थिक विकास का केंद्र होगा। रोजगार सृजन और व्यापार को बढ़ावा देगा। एयरपोर्ट के निर्माण में समय सीमा व गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस दौरान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रालि के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, चीफ आपरेटिंग अफसर किरण जैन, एसडीएम जेवर अभय कुमार सिंह मौजूद रहे।
देरी पर लग रहा है जुर्माना
एयरपोर्ट का निर्माण कार्य सितंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन कार्य में विलंब के कारण इसे दिसंबर तक आगे बढ़ा दिया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। एयरपोर्ट के कार्यों में लगातार विलंब होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 10 मार्च को अधिकारियों को तलब किया था। लेट होने पर विकासकर्ता एजेंसी पर रोजाना 10 लाख रुपये का जुर्माना लग रहा है। यह वसूल किया जाएगा।
डीजीसीए जल्द करेगा दौरा
डीजीसीए ने अभी तक एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस जारी नहीं किया है। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रालि ने जनवरी में आवेदन किया था। 15 मई तक लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। जल्द ही डीजीसीए के अधिकारी एयरपोर्ट का दौरा करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी अफसरों को दिशा निर्देश दिए हैं। एक-एक बिंदु पर बात हुई है। सभी कामों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा रहा है।
डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ नायल

















