- शराब माफिया के अड्डों पर लगातार छापेमारी, लाइसेंसविहीन बार सील, ओवर रेटिंग पर शिकंजा
- बिना लाइसेंस के शराब पिलाने और बेचने वाले दो गिरफ्तार, रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था अवैध शराब का कारोबार
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग की टीमें दिन-रात छापेमारी कर रही हैं और शराब माफियाओं के अड्डों पर कड़ा शिकंजा कस रही हैं। हाल के दिनों में विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों ने न केवल अवैध शराब के कारोबारियों में भय का माहौल पैदा किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब शराब तस्करी, ओवर रेटिंग और बिना लाइसेंस शराब परोसने जैसी गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। बुधवार रात थाना सूरजपुर क्षेत्र के गुलिस्तानपुर मोड़ पर स्थित हनी होटल और फैमिली रेस्टोरेंट में आबकारी निरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह की टीम ने छापेमारी की। छापे के दौरान रेस्टोरेंट की आड़ में अवैध रूप से शराब पिलाते हुए दो व्यक्तियों, विनोद गर्ग पुत्र जितेन्द्र गर्ग और कंचन सिंह मेहरा पुत्र जय मेहरा को गिरफ्तार किया गया।
उनके कब्जे से 12 बोतल मैक डावल नंबर-1 हरियाणा मार्का विदेशी शराब और 2 बोतल रॉयल ग्रीन रिजर्व ब्लेंडेड व्हिस्की यूपी मार्का, 750 एमएल की बोतलें बरामद की गईं। आरोपी न सिर्फ बिना लाइसेंस शराब पिला रहे थे, बल्कि राज्य से बाहर की मदिरा भी बेच रहे थे, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 60/63 के अंतर्गत थाना सूरजपुर में अभियोग दर्ज कर लिया है। शराब के वैध विक्रेताओं द्वारा ओवर रेटिंग किए जाने की शिकायतों को भी आबकारी विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस क्रम में विभाग की विभिन्न टीमों ने बीते कुछ दिनों में जिले के कई बार और रेस्टोरेंट्स की गहन जांच की। गुरुवार रात आबकारी निरीक्षक गौरव चंद, आशीष पांडेय, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, रवि जायसवाल, अभिनव शाही और चन्द्रशेखर सिंह की टीम ने बिसरख थाना क्षेत्र में स्थित गोल्डन आई मॉल के बेकल कैफे, रूबरू और द एस्टेब्लिशमेंट जैसे प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
यह सुनिश्चित किया गया कि सभी बार एफएल-11 लाइसेंस धारक हैं, उनके परिसर में किसी प्रकार की अवैध मदिरा नहीं रखी गई है, और शराब की सभी बोतलों पर निर्धारित क्यूआर कोड चस्पा है या नहीं। जांच के दौरान विभाग ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश भी दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ जिले में अभियान छेड़ दिया है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले कारोबार का पूरी तरह से सफाया नहीं कर दिया जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन की सेहत और सुरक्षा से समझौता करने वाले माफियाओं को कानून का भय दिखाना आवश्यक है और विभाग इसी दिशा में काम कर रहा है।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली को लेकर विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनता में सकारात्मक चर्चा है। उनकी अगुवाई में आबकारी निरीक्षक लगातार कार्रवाई में जुटे हैं और पूरे जिले में छापेमारी की गति तेज हो गई है। विभाग की सक्रियता का असर यह है कि अवैध शराब कारोबारियों में दहशत का माहौल है और कई ने अपने ठिकाने बदल लिए हैं। विभाग की रणनीति न सिर्फ अवैध कारोबार पर रोक लगाने की है, बल्कि वैध लाइसेंस धारकों को भी जिम्मेदारी का एहसास कराना है कि शराब की बिक्री पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत ही हो। गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई को प्रशासनिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जिले को शराब माफिया से मुक्त करने की इस मुहिम की सराहना चारों ओर हो रही है। अब देखना यह है कि विभाग की यह मुहिम कितनी दूर तक असर दिखाती है और शराब माफियाओं की कमर कितनी मजबूती से तोड़ी जाती है। मगर एक बात तय है—अब गौतमबुद्ध नगर में शराब का काला कारोबार करना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया गौतमबुद्ध नगर में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ आबकारी विभाग ने ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। हमारी टीमें दिन-रात जिलेभर में सक्रिय हैं और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न केवल बिना लाइसेंस शराब पिलाने वालों पर कार्रवाई हो रही है, बल्कि ओवर रेटिंग और बाहर की शराब बेचने वालों पर भी हमारी नजर है। हमारा उद्देश्य है कि जनता को सुरक्षित और नियमों के तहत शराब उपलब्ध हो, साथ ही शराब माफिया की हर काली गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए।
रात्रि में छापेमारी, बार-रेस्टोरेंट्स पर कड़ी जांच
गुरुवार की रात आबकारी निरीक्षकों गौरव चन्द, आशीष पाण्डेय, डॉ. शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, रवि जायसवाल, अभिनव शाही और चन्द्रशेखर सिंह की टीम ने बिसरख थाना क्षेत्र के गोल्डन आई मॉल में स्थित बेकल कै$फे, रूबरू और द एस्टेब्लिशमेंट जैसे बार/रेस्टोरेंट्स का सघन निरीक्षण किया। जांच में यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रतिष्ठान वैध एफएल-11 लाइसेंस धारक हैं या नहीं, शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड चस्पा है या नहीं और कहीं कोई अवैध मदिरा तो परोसी नहीं जा रही।


















