-ब्लैक स्पॉट से लेकर क्रैश बैरियर लगाने के काम को तुरंत मंजूरी
-हादसों के बाद नहीं, बल्कि पहले खतरे को पहचान कर काम होगा
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। अब हादसों के बाद नहीं, बल्कि पहले ही खतरे को पहचान कर काम किया जाएगा। चार्ज संभालते ही नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। फैसलों पर अमल करा रहे हैं। खुद उनकी निगरानी कर रहे हैं। प्राधिकरण एरिया में जितने ब्लैक स्पॉट हैं, उनकेा दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके।
सीईओ कृष्णा करुणेश हर विभाग की समीक्षा शुरू कर दी है। साफ-सफाई से लेकर पेयजल तक की व्यवस्थाओं की वस्तुस्थिति को जान रहे हैं। साथ ही सड़कों पर ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए लगातार काम शुरू करा दिया है। सड़क सुरक्षा को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने शहर में 65 ब्लैक स्पाॅट चिह्नित कर लिए हैं। ब्लैक स्पाॅट को 15 दिन में दुरुस्त करने का फैसला लिया है। 50 ब्लैक स्पाॅट बिल्डरों को दुरुस्त करने हैं। निर्धारित समय में दुरुस्त नहीं कराने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसका आदेश सीईओ कृष्णा करूणेश ने जारी किया है। सिविल विभाग को ब्लैक स्पाॅट के साथ बाकी 15 ब्लैक स्पाॅट भी 15 दिन के अंदर दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में सड़क सुरक्षा की पोल खोलने वाली इस घटना के बाद प्राधिकरण ने ऐसे भूखंड जो सड़क किनारे है, जिनमें जल भराव या बेसमेंट खुदे है और सुरक्षा मानक पूरे नहीं है। ऐसे बिंदुओं को तय कर वर्क सर्किल एक से दस तक एक विस्तृत सर्वे कराया है।
20 गांवों में सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम, सात को मिली मंजूरी
जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी प्राधिकरण हरकत में आ गया है। शहर के 20 गांवों में सम्पवेल और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है। इनमें से सात गांवों के प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि बाकी पर प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण का मानना है कि जलभराव ही कई हादसों की बड़ी वजह बनता है। अब हादसों के बाद नहीं, बल्कि पहले ही खतरे को पहचान कर काम किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि पूरे नोएडा शहर का व्यापक ड्रेनेज सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में कमजोर ड्रेनेज पॉइंट, ओवरफ्लो जोन और जलभराव वाले इलाकों की पहचान की जाएगी। इसको समय रहते दुरुस्त कराया जाएगा।
















