अब अदालतों के चक्कर खत्म, नागरिक घर बैठे देख सकेंगे अपने मामलों की पूरी स्थिति: जे. रविन्द्र गौड़

-गाजियाबाद पुलिस ने शुरू किया डिजिटल कोर्ट निगरानी पोर्टल, अब घर बैठे मिलेंगी केस की पूरी जानकारी
-सीसीएमएस से नागरिकों को मिलेगा केस की वास्तविक स्थिति का त्वरित विवरण
-प्राथमिकी और शव-परीक्षण प्रतिवेदन की घर-घर पहुंच सेवा, वीडियो शिकायत समाधान और वादी संवाद दिवस
-न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, डेटा-आधारित निगरानी और झूठी जमानत पर प्रभावी रोक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। सोमवार को पुलिस लाइन स्थित परमजीत हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ ने कमिश्नरेट कोर्ट्स निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) का शुभारंभ किया। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद नागरिकों को अपने मामलों की जानकारी के लिए अदालतों और थानों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
सीसीएमएस पूरी तरह इंटरनेट आधारित है और इसके माध्यम से अदालतों में लंबित और विचाराधीन मामलों की स्थिति, अगली सुनवाई की तारीख और संबंधित विवरण वास्तविक समय में प्राप्त किए जा सकते हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस प्रणाली से नागरिक अपने मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी डिजिटल माध्यम से घर बैठे ही अपने वाद की स्थिति जान सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल सीसीएमएस.गाजियाबाद पुलिस डॉट कॉम पोर्टल पर जाना होगा या पोर्टल का क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। अदालत का चयन, विधि की धारा और वाद संख्या भरते ही पिछली और अगली सुनवाई की पूरी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सीसीएमएस प्रणाली से न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और झूठी जमानत जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी। पोर्टल में धारा-126,129,152,164,170 भारतीय न्याय संहिता संबंधी मामलों के साथ-साथ गुंडा नियंत्रण अधिनियम और गिरोहबंदी अधिनियम के वादों का विवरण आसानी से देखा जा सकेगा।
इस अवसर पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अपराध एवं यातायात आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अप्रैल 2025 में जारी जन-पत्र (सिटिजन चार्टर) के बाद से गाजियाबाद पुलिस लगातार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई जन-केंद्रित सुधार लागू कर रही है। इसके तहत प्राथमिकी और शव-परीक्षण प्रतिवेदन की घर-घर पहुंच सेवा शुरू की गई है, जिसके माध्यम से अब तक कुल 5,631 एफआईआर की कॉपी सीधे नागरिकों तक पहुंचाई जा चुकी हैं।

साथ ही एक नागरिक फीडबैक प्रकोष्ठ तैयार किया गया है, जिसने 56 हजार से अधिक लोगों से राय प्राप्त की। प्राप्त नकारात्मक फीडबैक के आधार पर 39 पुलिसकर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की गई। जनशिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से वीडियो संवाद द्वारा शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है और प्रत्येक बुधवार को वादी संवाद दिवस आयोजित कर पुलिस-जन सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। थानों में प्रतीक्षालय और पेयजल जैसी सुविधाओं को भी उन्नत किया गया है।

पुलिस कमिश्नर ने नागरिकों से अपील की है कि वे सीसीएमएस पोर्टल का अधिकाधिक उपयोग करें और पारदर्शी, सुगम तथा उत्तरदायी पुलिस व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। उनका कहना है कि इस डिजिटल पहल से न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक समय में निगरानी करने में सुविधा मिलेगी और कागजी कार्रवाई कम होकर कार्यवाही तेज होगी। इस नई प्रणाली से न केवल आम नागरिकों को अपने केस की पूरी जानकारी घर बैठे प्राप्त होगी, बल्कि यह न्यायिक प्रक्रियाओं में विश्वास और जवाबदेही को भी मजबूत करेगी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस लगातार ऐसे सुधारों के माध्यम से जनता को आधुनिक और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी।

जे. रविन्द्र गौड़
पुलिस कमिश्नर

कमिश्नरेट कोर्ट्स निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) के शुभारंभ से नागरिकों को अब अपने मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए बार-बार अदालतों और थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह पूरी तरह इंटरनेट आधारित प्रणाली है, जिसके माध्यम से लंबित और विचाराधीन मामलों की स्थिति, अगली सुनवाई की तारीख और संबंधित विवरण वास्तविक समय में देखे जा सकते हैं। नागरिक अपने मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी डिजिटल माध्यम से घर बैठे अपने वाद की स्थिति जान सकते हैं। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और झूठी जमानत जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी। हमारी प्राथमिकता है कि पुलिस सेवाएं आम नागरिकों के लिए सुगम, पारदर्शी और उत्तरदायी हों। इस नई डिजिटल पहल से न केवल नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों को भी वास्तविक समय में निगरानी करने में मदद मिलेगी। हम लगातार ऐसे सुधारों के माध्यम से गाजियाबाद पुलिस को आधुनिक और प्रभावी बनाने के प्रयासरत हैं।
जे. रविन्द्र गौड़
पुलिस कमिश्नर