अब सफाई में नहीं चलेगी कोई कोताही: अमृत अभिजात

• गाजियाबाद में मानसून से पहले नालों की युद्धस्तरीय सफाई शुरू, ड्रोन से निगरानी और सौंदर्यीकरण का अल्टीमेटम
• नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने किया कौशांबी, वैशाली और एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित बड़े नालों का निरीक्षण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी मानसून से पहले गाजियाबाद को जलभराव जैसी चिरस्थायी समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए फ्रंटफुट पर आकर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर विकास विभाग ने इसे सिर्फ नालों की सफाई का मामला न मानते हुए, इसे एक संरचनात्मक सुधार और शहरी सौंदर्यीकरण मिशन के रूप में आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में शनिवार को नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने गाजियाबाद के प्रमुख जल निकासी तंत्र का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अमृत अभिजात ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में दो टूक कह दिया कि अब सफाई में कोई कोताही नहीं चलेगी। जिम्मेदारी तय होगी, और लापरवाही पर सीधी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्वयं कौशांबी, वैशाली और एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित बड़े नालों का दौरा किया और साइट पर मौजूद अधिकारियों से रीयल-टाइम प्रगति रिपोर्ट ली।

हर स्थान पर उन्होंने साफ निर्देश दिए कि कार्य केवल कागजी कार्रवाई बनकर न रह जाए, उसका प्रत्यक्ष असर शहर की सड़कों, गलियों और नागरिकों के जीवन में साफ नजर आना चाहिए। अभिजात ने निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की कि शहर के नालों में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति अब जन-जागरूकता के स्तर से ऊपर जाकर सख्त नियंत्रण की मांग करती है। उन्होंने कहा कि केवल अपीलें और बोर्ड लगाकर समस्या नहीं सुलझेगी। अब तकनीक, निगरानी और मजबूत संरचनाओं के जरिए इसे रोका जाएगा। इसके लिए उन्होंने निर्देशित किया कि शहर के सभी खुले नालों पर मजबूत, ऊंची और स्थायी जालियों की व्यवस्था की जाए, ताकि पुन: कूड़ा फेंकने की कोई गुंजाइश ही न बचे।

अब ड्रोन कैमरों से होगी हर नाले की निगरानी
इस अभियान में तकनीक को भी जोड़ा गया है। अब ड्रोन कैमरों से नालों की नियमित निगरानी की जाएगी और हर चरण की प्रगति की रिकॉर्डिंग नगर विकास विभाग के मुख्य कंट्रोल रूम में जमा होगी। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि हर रिपोर्ट की क्रॉस-वेरिफिकेशन होगी और जो काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए।

न केवल सफाई, अब शहरी सौंदर्यीकरण भी एजेंडे में
एलिवेटेड रोड के नीचे स्थित नाले का विशेष उल्लेख करते हुए अमृत अभिजात ने कहा कि यह क्षेत्र वसुंधरा और वैशाली जैसे पॉश रिहायशी इलाकों का प्रवेश द्वार है। इसलिए यहां सौंदर्यीकरण भी प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि इन इलाकों में सजावटी पौधे लगाए जाएं और आसपास का क्षेत्र गार्डनिंग के माध्यम से बेहतर दिखे।

हर विभाग को मिला जिम्मा, रिपोर्ट देनी होगी समय पर
मुख्य अभियंता नरेंद्र चौधरी को निर्देशित किया गया कि सभी प्रमुख नालों पर जालियों की व्यवस्था तय समयसीमा में पूरी करें। नगर स्वास्थ्य अधिकारी मिथिलेश को दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर स्थित नालों की विशेष सफाई एक सप्ताह में पूरी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उद्यान प्रभारी अनुज कुमार सिंह को सौंदर्यीकरण से जुड़ी कार्रवाई को प्राथमिकता देने को कहा गया। नगर निगम आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, अरुण कुमार यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी मिथिलेश कुमार, उद्यान प्रभारी अनुज कुमार सिंह, मुख्य अभियंता नरेंद्र चौधरी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव के साथ-साथ मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल भी निरीक्षण में शामिल रहे।