श्रावण महाशिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में मिलेगा गंगाजल से अभिषेक का सौभाग्य

– नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने की व्यवस्थाओं की समीक्षा, दस दिन में तैयार होंगी सभी सुविधाएं

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद नगर निगम की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निगम अधिकारियों के साथ सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर पहुंचकर कांवड़ यात्रियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मंदिर में श्रीमहंत नारायण गिरी से संवाद कर उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों के लिए गंगाजल से जलाभिषेक की विशेष व्यवस्था की जाएगी। गंगाजल के टैंकर मंदिर परिसर में लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को दूर से जल लाने की परेशानी न उठानी पड़े। नगर आयुक्त ने बताया कि मंदिर और कांवड़ रूट की व्यवस्थाओं में नगर निगम का हर विभाग 24 घंटे सक्रिय रहेगा। सफाई मित्रों से लेकर अभियंताओं और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहेंगी। मंदिर परिसर में प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग, और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम ने वादा किया है कि अगले 10 दिनों में मंदिर परिसर और आसपास की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएंगी। झाडिय़ों की कटाई, रास्तों की मरम्मत, मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था, और अतिक्रमण हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार,नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉॅ.मिथिलेश कुमार,उद्यान प्रभारी डॉ.अनुज कुमार सिंह,जलकल विभाग के महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद, प्रभारी प्रकाश एसपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।

मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सुरक्षा को लेकर भी सख्ती
कांवड़ यात्रा मार्ग और मंदिर के आसपास मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मंदिर के पास लगे बिजली पोलों पर फ्लेक्स और कपड़ों की कवरिंग की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकी जा सके। इसके अलावा CCTV कैमरे भी प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे।

महंत नारायण गिरी ने जताया आभार, बोले – यह सिर्फ व्यवस्था नहीं, श्रद्धा का है सम्मान
दूधेश्वरनाथ मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरी ने नगर आयुक्त और उनकी टीम का स्वागत करते हुए कहा कि इस बार कांवड़ महोत्सव को और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सक्रियता श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है और इससे गाजियाबाद पूरे देश में मिसाल कायम करेगा।

पांचों जोनों में सफाई मित्रों की ड्यूटी तय, साईं उपवन में बनेगा कंट्रोल रूम
श्रावण मास के दौरान होने वाली भव्य कांवड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में इस बार न केवल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की योजना है, बल्कि प्लास्टिक मुक्त और श्रद्धालुओं को समर्पित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक सघन अभियान भी चलाया जाएगा। नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार ने बताया कि कांवड़ मार्ग को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगम के पांचों जोन क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं। सफाई मित्रों की ड्यूटी रोटेशन में लगाई गई है, जो 24 घंटे लगातार सफाई व्यवस्था में तैनात रहेंगे।

सफाई, पानी और स्वागत, हर मोर्चे पर नगर निगम तैयार
पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव, डस्टबिन की व्यवस्था, शिविरों के आसपास विशेष निगरानी, और सड़क किनारे झाडिय़ों की कटाई जैसे कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं। शिविरों के पास तैनात सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे न केवल सफाई बल्कि श्रद्धालुओं की सहूलियतों का भी ध्यान रखें।

प्लास्टिक मुक्त कांवड़ यात्रा का संदेश, जागरूकता भी बनेगी पहचान
इस बार नगर निगम ने कांवड़ यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी बीड़ा उठाया है। इसके लिए निगम की टीम द्वारा भक्तों को जागरूक किया जाएगा कि वे यात्रा मार्ग पर पॉलिथीन या अन्य एकल उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग न करें। साथ ही कांवड़ शिविरों में पर्चे और पोस्टर के माध्यम से भी यह संदेश फैलाया जाएगा।

साईं उपवन में होगा मुख्य नियंत्रण कक्ष, हर गतिविधि पर रहेगी निगरानी
कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने के लिए नगर निगम ने साईं उपवन में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। यहां शिफ्ट वाइज अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी जो कि यात्रा की हर स्थिति और आवश्यकता की मॉनिटरिंग करेंगे। कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल सफाई, जल आपूर्ति या अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

नगर आयुक्त ने पहले ही बैठक कर दिए थे निर्देश
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने पिछले दिनों आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कांवड़ यात्रा नगर निगम की प्रतिष्ठा से जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी प्राथमिकता श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुसंगठित वातावरण देना है।