नगर निगम वही है, कार्यालय भी वहीं हैं, अधिकारी और कर्मचारी भी वहीं हैं। बस बदला है तो नगर निगम के कामकाज का ढ़र्रा। इस बदलाव का श्रेय नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को जाता है। नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का एक साल का कामकाज शानदार और उपलब्धियों भरा रहा है। नगर निगम की अरबों रुपये की जमीन कब्जा मुक्त कराने से लेकर सड़कों और पार्कों का सौदर्यीकरण, कुत्तों की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए तीसरे एबीसी सेंटर का निर्माण, सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर में सड़क निर्माण, कारकस प्लांट की स्थापना, बायोडायवर्सिटी पार्क योजना को अमलीजामा पहनाना, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम और व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना, गाजियाबाद 311 ऐप योजना पर काफी तेजी से काम हुआ। इसका शहरवासियों को सीधा लाभ मिल रहा है। नगर निगम को ई-ऑफिस बनाए जाने, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सर्वे का कार्य विक्रमादित्य सिंह मलिक की प्राथमिकता में है। गाजियाबाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से हाईटेक और स्मार्ट बनाया जाएगा।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद शहर की सूरत में पिछले एक साल में काफी बदलाव आया है। बुनियादी सुविधाओं के लिए अब शहरवासियों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटना पड़ता है। प्रदूषित शहर में टॉप पर रहने वाले गाजियाबाद में वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और शहर में हरियाली बढ़ी है। पार्कों के सौदर्यीकरण के साथ ही सड़क किनारे पौधे लगाकर प्रदूषण को कम करने की कोशिशें की गई है। नगर निगम द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में वृद्धि और विभिन्न माध्यमों से आने वाली शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान की रफ्तार में काफी तेजी आई। नगर निगम वही है, कार्यालय भी वहीं हैं, अधिकारी और कर्मचारी भी वहीं हैं। बस बदला है तो नगर निगम के कामकाज का ढ़र्रा। इस बदलाव का श्रेय नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को जाता है। नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का एक साल का कामकाज शानदार और उपलब्धियों भरा रहा है। नगर निगम की अरबों रुपये की जमीन कब्जा मुक्त कराने से लेकर सड़कों और पार्कों का सौदर्यीकरण, कुत्तों की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए तीसरे एबीसी सेंटर का निर्माण की योजना, सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर में सड़क निर्माण, कारकस प्लांट की स्थापना, बायोडायवर्सिटी पार्क योजना को अमलीजामा पहनाना, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम और व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना, गाजियाबाद 311 ऐप योजना पर काफी तेजी से काम हुआ। इसका शहरवासियों को सीधा लाभ मिल रहा है।























