- सुबोध कुमार की रणनीति और टीमवर्क ने जिले में सुरक्षित बिक्री और राजस्व वृद्धि में नए कीर्तिमान स्थापित किए
- 30 और 31 दिसंबर को अतिरिक्त समय खुली दुकानों से विभाग को मिला 35 करोड़ रुपये का राजस्व
- नववर्ष की रात 5 तस्कर गिरफ्तार, अवैध शराब बरामद, जिले में सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित
- सख्त निगरानी और कुशल रणनीति से जनता के लिए सुरक्षित खरीदारी का माहौल तैयार
- टीम ने रात भर अभियान चला कर अवैध तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। नववर्ष का पर्व जहां जिले में खुशियों और उल्लास के रंग बिखेरता है, वहीं आबकारी विभाग के लिए यह अवसर सोने पर सुहागा साबित हुआ। जिले में 30 और 31 दिसंबर को शराब दुकानों को एक घंटा अतिरिक्त खोलने की अनुमति मिलने से आबकारी विभाग को रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ। यह सफलता जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कुशल नेतृत्व क्षमता, टीम की सतर्क निगरानी और व्यवस्थित कार्यशैली का प्रत्यक्ष परिणाम है। अवकाश और त्योहारी सीजन में शराब तस्करी हमेशा विभाग के लिए चुनौती होती है, लेकिन सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति ने अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया। उनका नेतृत्व और नेटवर्किंग इस बात का सबूत है कि विभाग ने कैसे नियमों का पालन करते हुए राजस्व में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की। सामान्य दिनों में जिले से 8-9 करोड़ रुपये प्रतिदिन का राजस्व मिलता है, वहीं इन दो विशेष दिनों में विभाग को करीब 35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके तहत विभाग ने 17 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व हासिल किया। नववर्ष की रात आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब तस्करों को सलाखों के पीछे भेजकर सुरक्षा और नियमों का संदेश भी दिया।
विशेष अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी ने थाना फेज-1 क्षेत्र में दबिश देकर जयकुमार पुत्र श्याम प्रसाद को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दोस्ताना देशी शराब के 105 पौवा बरामद किए गए। इसी तरह, आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर एवं थाना फेज-2 की संयुक्त टीम ने निम्मी विहार पुस्ता तिराहे से शराब तस्कर श्रवण पुत्र सूजाराम को गिरफ्तार किया, जिसके पास से नैनो प्रीमियम व्हिस्की के 48 पौव्वे बरामद हुए। आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय और थाना बादलपुर की टीम ने चेकिंग अभियान में राजीव पुत्र राम निवासी खेड़ा धर्मपुरा को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 27 पौवे कैटरीना देसी शराब बरामद हुई। वहीं, आबकारी निरीक्षक नामवर सिंह और थाना इकोटेक प्रथम की टीम ने प्रमोद पुत्र प्रीतम और रिंकू पुत्र धर्मवीर को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 106 पौवा दोस्ताना ब्रांड देशी शराब बरामद की गई।
सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नववर्ष की रात में गिरफ्तार सभी तस्कर अधिक कमाई की लालच में अवैध तरीके से शराब बेच रहे थे, लेकिन विभाग की सतर्क टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। उनका कहना है कि आबकारी विभाग का दृष्टिकोण स्पष्ट है- त्योहारी और नववर्ष के अवसर पर जनता को सुविधा प्रदान करना प्राथमिकता है, लेकिन कानून और सुरक्षा का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि विभाग ने दुकानों पर नियमित निरीक्षण, निगरानी और मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया। इस रणनीति के कारण नववर्ष की रात्रि में 6 करोड़ रुपये की बिक्री होने के बावजूद कोई भी अवैध घटना या अव्यवस्था नहीं हुई। सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया कि अवैध शराब तस्करी जिले में राजस्व को प्रभावित न करे। उनका कहना है कि विभाग केवल बिक्री बढ़ाने पर ध्यान नहीं देता, बल्कि नियमों के पालन, सुरक्षा और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
इस कार्यशैली का असर स्पष्ट रूप से देखा गया- 30 और 31 दिसंबर की रात तक अतिरिक्त खुली शराब दुकानों में विभाग को लगभग 35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान विभाग ने अवैध शराब के कारोबारियों पर प्रभावी कार्रवाई की, तस्करों को गिरफ्तार किया और अवैध शराब बरामद की। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की टीम की सक्रियता, समय पर निगरानी, योजनाबद्ध अभियान और उच्च कार्यशैली ने न केवल राजस्व वृद्धि सुनिश्चित की, बल्कि जिले में आबकारी विभाग की छवि को मजबूती प्रदान की। इस नववर्ष पर विभाग की यह सफलता यह दर्शाती है कि सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में आबकारी विभाग नियम और कानून के साथ-साथ जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सक्षम है। इस तरह नववर्ष 2026 में आबकारी विभाग ने सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कुशल कार्यशैली और टीम के उत्कृष्ट प्रयासों से राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि और अवैध शराब तस्करी पर नियंत्रण दोनों ही उपलब्धियां हासिल की हैं।



















