• जिला आबकारी अधिकारी ने राजधानी में शराब कारोबार को पारदर्शी, नियंत्रित और सभ्य बनाने के लिए शुरू किया व्यापक अभियान
• राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर मद्यपान पर सख्त निगरानी और चेतावनी
• लाइसेंसी दुकानों में ग्राहकों के साथ सभ्य व्यवहार और नियमों के अनुसार बिक्री सुनिश्चित
• चारबाग, मीराबाई रोड, गोमती ब्रिज समेत संवेदनशील क्षेत्रों में औचक निरीक्षण
• गुप्त टेस्ट परचेजिंग के जरिए ओवर रेटिंग और अवैध बिक्री पर लग रही रोक
• शादी-ब्याह सीजन में शराब की पर्याप्त उपलब्धता और अवैध बिक्री पर नियंत्रण
• नारकोटिक ड्रग्स लाइसेंस और रिकॉर्ड की कड़ी जांच-मुखबिर तंत्र सक्रिय, अवैध शराब पार्टी और वितरण पर त्वरित कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह नकेल कसने और लाइसेंसी दुकानों के संचालन में पारदर्शिता व अनुशासन स्थापित करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है। राजधानी की गंगा-जमुनी तहजीब, अदब और नफासत को ध्यान में रखते हुए शराब बिक्री को नियमों के दायरे में लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने ‘ऑपरेशन संयम’ नाम से एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत न केवल अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी है, बल्कि लाइसेंसी दुकानों को भी सख्त अनुशासन में लाया जा रहा है। शुक्रवार को आबकारी विभाग की संयुक्त टीम में शामिल आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, राहुल कुमार सिंह, रिचा सिंह, अभिषेक सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी, अखिल गुप्ता और मोनिका यादव ने शहर के विभिन्न इलाकों में दबिश दी और कई स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। चारबाग रेलवे स्टेशन, आलमबाग बस स्टैंड, शाहनजफ रोड, गोमती ब्रिज, मीराबाई रोड, भीटौली तिराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा और बालागंज चौराहा सहित कई संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान रोकने को लेकर लोगों को चेतावनी दी गई कि यदि कोई भी व्यक्ति खुले में शराब पीते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
लखनऊ की छवि को खराब करने वाली किसी भी गतिविधि को विभाग अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। इस अभियान का एक बड़ा हिस्सा लाइसेंसी दुकानों में अनुशासन और शालीनता को बढ़ावा देना है। दुकानें नियमों के अनुसार संचालित हों, ओवर रेटिंग न की जाए, ग्राहकों को सही रेट पर शराब मिले और कर्मचारियों का व्यवहार पूरी तरह सभ्य हो-यह अब आबकारी विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने दुकानदारों को दो-टूक निर्देश दिए हैं कि ‘लखनऊ अपनी तहजीब और अदब के लिए जाना जाता है। शराब की दुकानें भी इस संस्कृति का हिस्सा हैं, इसलिए ग्राहक से ‘आप’ कहकर बात करना, सौम्य व्यवहार रखना और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है। दुकानों पर रजिस्ट्रड ब्रांड की शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ दुकानों के बाहर अवैध रूप से शराब पिलाने या पीने वाले लोगों पर विशेष निगरानी की जा रही है। कई दुकानों पर गुप्त टेस्ट परचेजिंग भी शुरू की गई है, जिससे ओवर रेटिंग और अनियमित बिक्री की शिकायतों का सही आकलन हो सके। शादी-ब्याह के इस सीजन में शराब की खपत में तेजी से बढ़ोतरी होती है, ऐसे में विभाग ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी ब्रांड की कमी न होने पाए और अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए दिन-रात निरीक्षण किया जाए।
मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि बिना लाइसेंस शराब पार्टी आयोजित करने वालों और छिपकर अवैध शराब परोसने वाले स्थानों का त्वरित पता लगाया जा सके। विभाग लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि नियमों का पालन हर दुकान, हर इलाके में बिना किसी अपवाद के हो। इधर आबकारी निरीक्षक राहुल सिंह की टीम ने अस्पतालों को दिए जाने वाले एनडीएलसी लाइसेंस की भी जांच की। नारकोटिक ड्रग्स के सुरक्षित उपयोग और उसके रिकॉर्ड की जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावना समाप्त की जा सके। सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान न करने के लिए आम जनता को जागरूक किया गया और मद्यपान करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह की कार्यशैली इस पूरे अभियान में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है-सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन। एक ओर जहां अवैध शराब के खिलाफ उनका रवैया बिल्कुल कठोर है, वहीं दूसरी ओर लाइसेंसी दुकानों को भी वह सभ्यता और अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं। उनका यह प्रयास न केवल लखनऊ में कानून व्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि राजधानी की विशिष्ट तहजीब और संस्कृति को भी सुरक्षित कर रहा है।
‘ऑपरेशन संयम’ अब केवल एक अभियान नहीं रहा, बल्कि लखनऊ में शराब कारोबार को व्यवस्थित, पारदर्शी और मर्यादित बनाने का एक व्यापक मिशन बन चुका है, जिसने अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है और लाइसेंसी दुकानों में शालीनता की एक नई शुरुआत की है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया हमारा लक्ष्य यही है कि शराब बिक्री पूरी तरह नियमों के दायरे में रहे और लाइसेंसी दुकानों में अनुशासन और शालीनता कायम रहे। अवैध शराब के नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदारों को ग्राहकों से सौम्य व्यवहार करना अनिवार्य है और शराब की बिक्री सही रेट पर ही हो। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान रोकने के लिए आम जनता को जागरूक किया जा रहा है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ‘ऑपरेशन संयम’ का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं है, बल्कि राजधानी की विशिष्ट तहजीब और संस्कृति को भी सुरक्षित रखना है।

















