-हिंदी भवन में भावपूर्ण हवन और धर्मसंगीत से उद्घाटन
-सांस्कृतिक सत्र में वीर रस कविताएं और भगवान शिव पर नृत्य नाटिका
-लव जिहाद और सामाजिक जागरूकता पर चित्र प्रदर्शनी, भारत माता की आरती के साथ समापन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हिन्दू समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हिंदी भवन में सोमवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भावपूर्ण हवन के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने सनातन धर्म की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए जाति-पाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर हिन्दू समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। मुख्य उद्बोधन क्षेत्रीय सह प्रचार प्रमुख तपन द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा हिन्दुत्व में निहित है और संगठित समाज ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।
उन्होंने देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और हिन्दू एकता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए समाज से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नवनीतप्रिय दास, संस्थापक संस्कार उपवन, तथा हनुमत कथा व्यास अरविन्द ओझा द्वारा उपस्थित जनसमूह को आशीर्वचन प्रदान किए गए। सम्मेलन के सांस्कृतिक सत्र में वीर रस से ओतप्रोत कविताओं की प्रस्तुति कवि कमल आगने, प्रियंका राव और अंजू जैन द्वारा दी गई, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इंडियन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भगवान शिव पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। आयोजन स्थल पर सिख गुरुओं के बलिदान और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों, विशेषकर लव जिहाद के प्रति चेतना बढ़ाने हेतु एक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
आयोजन समिति के संरक्षक के रूप में रविंद्र गर्ग, सत्यपाल सिंह, राजकुमार त्यागी, राजेश गर्ग और अशोक बजाज उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता जगबीर सिंह ने की, जबकि सचिव प्रदीप गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष मोहित और ब्रजमोहन रहे। कार्यकारिणी सदस्यों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ाया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में भारत माता की आरती के साथ किया गया। इसके उपरांत सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
















