-भागीरथ सेवा संस्थान: सेवा का 49 वर्षों का स्वर्णिम सफर
उदय भूमि
गाजियाबाद। भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा संचालित कैमकुस कॉलेज ऑफ़ स्पेशल एजुकेशन एंड रिसर्च में शनिवार को दिव्यांगजन के साथ दुर्व्यवहार, हिंसा और शोषण से सुरक्षा विषय पर दो दिवसीय सीआरई प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला को भारतीय पुनर्वास परिषद प्राप्त है, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए 80 से अधिक रिहैब प्रोफेशनल और स्पेशल एजुकेटर शामिल हुए। कार्यशाला का शुभारंभ भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ सुकुल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। पहले दिन की कार्यवाही में प्रमुख विशेषज्ञों ने विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
जिनमें माहेश्वरी चौधरी- व्याख्यान की शुरुआत, रूमकी घोष – दिव्यांगजन की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू, नीतू त्यागी- हिंसा एवं शोषण से बचाव के उपाय, प्रियंका भनोट – दिव्यांगजनों के अधिकार और कानूनी प्रावधान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। यह गौरव की बात है कि भागीरथ सेवा संस्थान, जो पिछले 49 वर्षों से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं व्यावसायिक विकास के लिए कार्यरत है, इस विषय पर कार्यशाला आयोजित कर रहा है। संस्थान स्पेशल स्कूल, डे-केयर सेंटर और ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का संचालन करता है, जिससे दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। संस्थान को वर्ष 2021-22 में प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ संस्था के रूप में चुना गया और इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कर-कमलों द्वारा सम्मानित किए जाने का गौरव प्राप्त हुआ है।
दिव्यांगजनों की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
यह कार्यशाला दिव्यांगजनों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, और समाज में उनकी गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। इस आयोजन से रिहैब प्रोफेशनल्स और स्पेशल एजुकेटर्स को नई जानकारियां और सुरक्षा उपायों से अवगत होने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अगले चरण में व्यावहारिक सत्र और ओपन डिस्कशन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विशेषज्ञ दिव्यांगजनों की सुरक्षा के लिए व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करेंगे। इस तरह की पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।


















