यूपी के इतिहास में पहली बार पेपरलेस बजट

5 लाख 50 हजार 270 करोड़ का बजट पेश

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ का बजट पेश किया। बजट में विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। मंत्री परिषद से अनुमति मिलने के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधान भवन में बजट पेश किया। वित्त मंत्री खन्ना ने विधान सभा में अध्यक्ष ह्दयनारायण दीक्षित की मंजूरी के बाद बजट भाषण आरंभ किया। वित्त मंत्री खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए कुल 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5.12 लाख करोड़ का बजट आया था। पिछले वर्ष की अपेक्षा मौजूदा वित्तीय वर्ष का बजट 38 हजार करोड़ रुपए अधिक है। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश का समुचित विकास सुनिश्चित करने तथा सूबे की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में अह्म कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। किसानों को भी बजट में काफी सुविधाएं देने का ऐलान किया गया है। उप्र सरकार के बजट में कन्या सुमंगल योजना के लिए 1200 करोड़, महिला शक्ति केंद्रों हेतु 32 करोड़, गांव में स्टेडियम हेतु 25 करोड़, संस्कृत स्कूलोंं में फ्री छात्रावास की सुवधिा व बीमा हेतु 600 करोड़, अधिवक्ता चैंबर हेतु 20 करोड़, नहरों के लिए 700 करोड़, डिजिटल स्वास्थ्य मिशन हेतु 32 करोड़, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हेतु 1107 करोड़, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के लिए 950 करोड़, चित्रकूट में पर्यटन हेतु 20 करोड़, वाराणसी में पर्यटन हेतु 100 करोड़ और सीएम जन आरोग्य योजना के लिए 142 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बता दें कि सरकार ने श्रीराम नगरी अध्योध्या के विकास के लिए भी बजट में 140 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। इस राशि से अयोध्या नगरी में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।