स्वदेशी और प्रदूषण रहित दीपावली का संकल्प: स्वदेशी अपनाएं और खुशियों को बांटें

-व्यापारी एकता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने नागरिकों से की अपील, इस दीपावली स्वदेशी अपनाएं और खुशियों को बांटें
-दीपावली के अवसर पर समाज के वंचितों तक भी खुशियों और रोशनी की पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दीपावली का पर्व न केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार है, बल्कि यह सामाजिक एकता, भाईचारा और नैतिक मूल्यों का प्रतीक भी है। इस अवसर पर नागरिकों को अपने जीवन और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलता है। इसी संदर्भ में व्यापारी एकता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने दीपावली पर्व के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों से अपील की कि इस बार हम स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें और प्रदूषण रहित दीपावली मनाएं। प्रदीप गुप्ता ने कहा कि अक्सर दीपावली के समय सस्ते चाइनीज सामान और पटाखों के प्रयोग से न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि इस पर्व पर स्वदेशी वस्तुओं और पारंपरिक दीयों का प्रयोग किया जाए, जिससे न केवल हमारे उद्योगों को समर्थन मिलेगा, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। उनका मानना है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करके बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकता है। इसके साथ ही प्रदीप गुप्ता ने समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा कि कई ऐसे घर और परिवार हैं, जहां दीपावली की रोशनी और खुशी पहुंच नहीं पाती। ऐसे में हमें अपने समाज के इन लोगों तक दीपावली की खुशियों और उजाले को पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दान या भौतिक सहायता नहीं है, बल्कि सहानुभूति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मौके पर व्यापारियों और नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों के साथ मिलकर दीपावली के इस पर्व को सकारात्मक संदेश देने वाला और पर्यावरण के अनुकूल बनाएं। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व केवल अपने घर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समाज के सभी हिस्सों में फैलाना चाहिए। यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता का परिचायक है।

प्रदीप गुप्ता ने आगे कहा कि व्यापारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्हें चाहिए कि वे अपने स्टालों और दुकानों में स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करें। इसके माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से स्थानीय उद्योगों को बल मिलेगा, बल्कि समाज में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों और नागरिकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दीपावली का पर्व स्वच्छ और प्रदूषण रहित तरीके से मनाया जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार लोग अत्यधिक रासायनिक और प्रदूषणकारी पटाखों का प्रयोग करेंगे, तो इसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढिय़ों को एक स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण देने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर प्रदीप गुप्ता ने एक विशेष संदेश भी दिया कि दीपावली केवल खुशियों और रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि यह समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। हमें अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में भाईचारा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने अंत में सभी नागरिकों से अपील की कि इस दीपावली स्वदेशी अपनाएं, पर्यावरण सुरक्षित रखें, और अपने समाज के वंचितों के साथ खुशियों को बांटें। उनके अनुसार, यही सच्ची अर्थों में दीपावली का संदेश और पर्व का उद्देश्य है। इस प्रकार प्रदीप गुप्ता ने न केवल व्यापारी समुदाय को, बल्कि पूरे समाज को स्वदेशी अपनाने और प्रदूषण रहित दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे यह पर्व सभी के लिए खुशियों और उजाले का प्रतीक बन सके।