-जाम मुक्त शहर, हरी-भरी गलियां और प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम की पूरी रणनीति सामने आई
-आईटीएमएस और ग्रीन बेल्ट परियोजनाओं सहित शहर में वायु गुणवत्ता सुधार की योजनाओं का ब्यौरा दिया
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। गाजियाबाद नगर निगम वायु गुणवत्ता सुधार और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर कार्यवाही कर रहा है। सोमवार को इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष नगर निगम द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों और आगामी योजनाओं को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विस्तार से साझा किया। मौके पर गाजियाबाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉदड़ भी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने प्रेजेंटेशन में बताया कि शहर की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर पक्की सड़क निर्माण और खाली स्थानों पर इंटरलॉकिंग लगाई जा रही है। इसके साथ ही, रोड स्वीपिंग के माध्यम से लगातार सफाई और प्रदूषण नियंत्रण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में नगर निगम 13 रोड स्वीपिंग मशीन, 18 एंटी स्मोक गन और 42 वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग कर वायु गुणवत्ता सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल शहर को हरा-भरा और सुंदर बनाना नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। हरियाली और साफ-सफाई के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन भी वायु गुणवत्ता सुधार का अहम हिस्सा है।

नगर आयुक्त
नगर आयुक्त ने गाजियाबाद में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज और प्रमुख चौराहों को हरा-भरा बनाने के कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि निगम की योजना के तहत लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर ग्रीनरी बढ़ाई जाएगी, और 150 करोड़ रुपये की परियोजना में मलिन बस्तियों और मुख्य मार्गों की पक्की सड़क निर्माण का काम तेज़ किया जाएगा। वायु गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ नगर निगम शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस ) को जनवरी से लागू करने की तैयारी कर रहा है। आईटीएमएस के माध्यम से शहर के 41 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी की जाएगी, जिससे डी-कंजेशन को बढ़ावा मिलेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। नगर आयुक्त ने बताया कि निगम जन-जन को वायु गुणवत्ता सुधार में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों, बालकनी, गार्डन, टेरेस और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं। सामूहिक प्रयासों से ही गाजियाबाद को स्वच्छ, हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने नगर निगम की पहल की सराहना की और कहा कि गाजियाबाद का यह मॉडल अन्य शहरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है। उन्होंने निगम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए टीम का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त ने यह भी बताया कि निगम ने शहर की हरियाली और प्रदूषण नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की है।
इसमें सड़क धूल मुक्त करने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, जाम मुक्त शहर बनाने और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण में जोडऩे की पूरी योजना शामिल है। उपस्थित अधिकारी और केंद्रीय मंत्री दोनों ही गाजियाबाद नगर निगम की टीम के प्रयासों से प्रभावित हुए और इसे भविष्य में देश भर के शहरों के लिए रोल मॉडल बताया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की यह पहल न केवल शहरवासियों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि गाजियाबाद को पर्यावरण और सौंदर्य के मामले में अन्य शहरों के लिए उदाहरण भी बनाएगी।
















