विवि के शताब्दी समारोह को संबोधित किया
नई दिल्ली। विश्व भारती विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह वीरवार को धूमधाम से मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी समारोह को संबोधित कर विवि की खूबियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व भारती, मां भारती के लिए गुरुदेव के चिंतन, दर्शन और परिश्रम का एक साकार अवतार है। विश्व भारती के लिए गुरुदेव का विजन आत्मनिर्भर भारत का भी सार है। आत्मनिर्भर भारत अभियान भी विश्व कल्याण हेतु भारत के कल्याण का मार्ग है। यह भारत को मजबूत करने का अभियान है। देश की समृद्धि से विश्व में समृद्धि लाने का अभियान है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरुदेव ने स्वदेशी समाज का संकल्प दिया था। वह गांवों और कृषि को आत्मनिर्भर देखना चाहते थे। वह वाणिज्य, व्यापार, कला, साहित्य को भी आत्मनिर्भर देखना चाहते थे। भारत के लिए गुरुदेव ने जो सपना देखा था, उस सपने को मूर्त रूप देने हेतु देश को निरंतर ऊर्जा देने वाला यह एक प्रकार से आराध्य स्थल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व भारती के सौ साल होना प्रत्येक भारतीय के गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि विश्व भारती के ग्रामोदय के काम तो हमेशा से प्रशंसनीय रहे हैं। 2015 में आरंभ योग विभाग की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। प्रकृति के साथ मिलकर अध्ययन और जीवन दोनों का साक्षात उदाहरण यह विश्वविद्यालय परिसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय सोलर एलायंज के जरिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अह्म भूमिका निभा रहा है। समूचे विश्व में भारत इकलौता बड़ा देश है, जो पेरिस अकॉर्ड के पर्यावरण के लक्ष्यों को पूरा करने हेतु सही मार्ग पर रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शताब्दी समारोह को भी संबोधित किया था। एएमयू की स्थापना को भी सौ साल हो चुके हैं।
















