दोपहर 3 बजे बोनी कपूर और आशीष भूटानी यमुना प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बोनी कपूर को आवंटित जमीन का कब्जापत्र सौंपा। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह, एसीईओ कपिल सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी शैलेंद्र सिंह, स्टाफ ऑफिसर नंदकिशोर सुंदरियाल सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जमीन का कब्जा पत्र मिलने के बाद बोनी कपूर प्राधिकरण अधिकारियों के साथ सेक्टर-21 में फिल्म सिटी की साइट पर पहुंचे। यहां पर मौजूद किसानों ने बोनी कपूर का स्वागत किया।
ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट फिल्म सिटी धरातल पर उतरने लगी है। फिल्म सिटी के पहले चरण के लिए 230 एकड़ जमीन पर गुरुवार को विकासकर्ता कंपनी वेब्यू प्रोजेक्ट्स को कब्जा दे दिया गया। कब्जा लेने के लिए कंपनी के कर्ताधर्ता मशहूर फिल्म मेकर बोनी कपूर साइट पर पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि वह तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा करेंगे। यहां पर दुनियाभर की फिल्मों की शूटिंग होगी। नोएडा इंटरनेशनल फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के सीईओ अशीष भूटानी ने फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित स्थल पर पहुंचकर चिन्हित जमीन का फिजिकल कब्जा लिया। दोपहर 3 बजे बोनी कपूर और आशीष भूटानी यमुना प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बोनी कपूर को आवंटित जमीन का कब्जापत्र सौंपा। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह, एसीईओ कपिल सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी शैलेंद्र सिंह, स्टाफ ऑफिसर नंदकिशोर सुंदरियाल सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जमीन का कब्जा पत्र मिलने के बाद बोनी कपूर प्राधिकरण अधिकारियों के साथ सेक्टर-21 में फिल्म सिटी की साइट पर पहुंचे। यहां पर मौजूद किसानों ने बोनी कपूर का स्वागत किया।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में फिल्म सिटी विकसित की जाएगी। इसका पहला चरण 230 एकड़ में विकसित होगा। इसका निर्माण फिल्म निर्माता बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स रियल एस्टेट कंपनी भूटानी ग्रुप के साथ मिलकर करेगी। इसके लिए यमुना प्राधिकरण के साथ एमओयू पहले ही हो चुका है। फिल्म सिटी को अगले तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगी। पहले चरण में 230 एकड़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस फिल्म सिटी का निर्माण कराया जाएगा। फिल्म सिटी के निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश में फिल्मों, धारावाहिक और वेब सीरीज की शूटिंग संभव होगी। इससे स्थानीय कलाकारों को एक मंच मिल सकेगा।
साइट का निरीक्षण किया
यमुना प्राधिकरण ने पहले चरण के लिए 230 एकड़ जमीन पर कंपनी को गुरुवार को कब्जा दे दिया। गुरुवार को बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म मेकर बोनी कपूर साइट पर पहुंचे और जमीन का कब्जा लिया। इस दौरान बोनी कपूर के परिवार के परिवार के सदस्य, भूटानी ग्रुप के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे। बोनी कपूर ने साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी शैलेंद्र सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
अगले महीने होगा शिलान्यास
फिल्म सिटी परियोजना का शिलान्यास मार्च में होगा। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। संभावना है कि अगले सप्ताह शिलान्यास कार्यक्रम की तिथि निर्धारित हो जाएगी। फिल्म सिटी के विकासकर्ता कंपनी की तरफ से फिल्म सिटी में फेज के हिसाब से होने वाले लेआउट प्लान व डिजाइन बनकर तैयार है। इसको यमुना प्राधिकरण में जमा करा दिया गया है।
उत्तर प्रदेश को मिलेगा खूब फायदा
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में फिल्म सिटी के लिए यमुना प्राधिकरण के साथ एमओयू हो चुका है। सबसे ज्यादा राजस्व के हिसाब से बोली लगाने पर बोनी कपूर की कंपनी को फिल्म सिटी निर्माण का टेंडर दिया गया था। फिल्म सिटी को अगले तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगी। पहले चरण में 230 एकड़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस फिल्म सिटी का निर्माण कराया जाएगा। फिल्म सिटी के निर्माण के बाद उत्तर प्रदेश में फिल्मों, धारावाहिक और वेब सीरीज की शूटिंग संभव होगी। इससे स्थानीय कलाकारों को एक मंच मिल सकेगा।
कब्जा दिलाने में किसान भी रहे मौजूद
यमुना प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट में किसानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण रखा। विकासकर्ता कंपनी को कब्जा देते समय किसान भी मौजूद रहे। जिन किसानों ने जमीन दी थी, वह भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में विकासकर्ता कंपनी को जमीन पर कब्जा दिया गया।
सात जोन में बांटकर होगा विकास
फिल्म सिटी को सात जोन में बांटकर विकास काराया जाएगा। फिल्म सिटी के प्रवेश द्वार के पास जोन-1 होगा। यह 10 एकड़ में होगा। इसमें प्रशासनिक और क्रिएटिव हब होगा। इसमें सिग्नेचर टॉवर होगा। इससे शहर के कई क्षेत्र देखे जा सकते हैं। यहां आर्ब्जवेशन डेक, एम्फीथिएटर, फिल्म म्यूजियम, हेलीपैड, थिएटर और एम्फीथिएटर के साथ इको-सिनेमा सेंटर होगा। सिग्नेचर टॉवर के पास स्वचालित पार्किंग सिस्टम और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। टावर की निचली मंजिलों में व्यावसायिक और मनोरंजन स्थान, बुटीक स्टोर, सिनेमा मल्टीप्लेक्स, रेस्तरां आदि बनाए जाएंगे। बीच में कार्यालय और आवासीय सुइट्स, धार्मिक स्थान और स्काई गार्डन होंगे। टॉवर की ऊपरी मंजिलों में साउंड स्टूडियो, साउंडप्रूफ रिकॉर्डिंग स्टूडियो, सुइट्स, निजी स्क्रीनिंग रूम और पोस्ट-प्रोडक्शन होगा। टावर की शीर्ष मंजिल पर अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, कार्यस्थल और स्टूडियो बनाए जाएंगे। पेंटहाउस, सेलिब्रिटी क्लब, हेलीपैड, सिनेमाई पुस्तकालय और प्रयोगशाला भी होंगे। जोन-2 को 60 एकड़ में रखा गया है। इसमें प्रोडक्शन हाउस और स्टूडियो होंगे। यह प्रशासनिक ब्लॉक के पास होगा। केंद्र में ओपन स्ट्रक्चर स्टूडियो और साउंड स्टेज बनाए जाएंगे। इसके चारों ओर आउटडोर सेट बनाए जाएंगे। स्टूडियो के पास पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और वर्कशॉप होंगे। यहीं पर फिल्म एकेडमी और रिसर्च लाइब्रेरी होगी। हॉलीवुड और बॉलीवुड शैली के सेट वाले खुले ढांचे वाले स्टूडियो और आउटडोर सेट विकसित किए जाएंगे।
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फिल्म सिटी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी। यमुना एक्सप्रेसवे के 11वें किमी पर इंटरचेंज बनने जा रहा है। प्रोजेक्ट के पहले चरण में 230 एकड़ क्षेत्र में तीन वर्षों के भीतर आवश्यक फिल्म-संबंधित सुविधाओं और एक फिल्म संस्थान की स्थापना की जाएगी। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा में बनने वाली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म सिटी को उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और राजमार्गों से जोड़कर इसे एक प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जिससे क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर बनेंगे दो इंटरचेंज
फिल्म सिटी को यमुना एक्सप्रेसवे से डॉयरेक्ट जोड़ने के लिए दोनों तरफ दो इंटरचेंज बनेंगे। दोनों इंटरचेंज 480 मीटर लंबा और 11 मीटर चौड़े होंगे। यमुना प्राधिकरण ने दोनों इंटरचेंज के निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी चयन के बाद काम शुरू होगा। निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा जिससे कि फिल्म सिटी के निर्माण कार्य में किसी तरह की परेशानी ना हो। यमुना एक्सप्रेसवे पर जीरो पॉइंट से 21 किलोमीटर पर दो इंटरचेंज बनेंगे। दोनों इंटरचेंज भाईपुर गांव में बनेंगे। यहां पहले से अंडरपास बना हुआ है। ऐसे में वाहनों को उतरने के साथ ही एक्सप्रेसवे पर चढ़ने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी। दोनों तरफ इंटरचेंज तीन-तीन लेन के होंगे। फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर टोल से पहले उतरने और चढ़ने की व्यवस्था नहीं है। नए इंटरचेंज के बनने से 21 किलोमीटर पर ही एक्सप्रेसवे पर बिना टोल उतरने और चढ़ने की सुविधा मिलेगी।



















