-गुरुग्राम में विमानन क्षेत्र की चुनौतियों पर मंथन, यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया
-मुंबई-दरभंगा और दिल्ली-दरभंगा उड़ानों के अचानक रद्द होने से यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठा
-क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी, रोजगार और विमानन सेवाओं के विस्तार पर सकारात्मक चर्चा
उदय भूमि संवाददाता
गुरुग्राम। हरियाणा की उद्योग नगरी गुरुग्राम में सोमवार को विमानन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर एक अहम मुलाकात हुई। विमानन कंपनी स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह से उनके कार्यालय में जनसेवक तरुण मिश्र ने शिष्टाचार भेंट कर विमानन सेवाओं से संबंधित समस्याओं और यात्रियों की परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान तरुण मिश्र ने विशेष रूप से दरभंगा हवाई अड्डे से संचालित उड़ानों की अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि मुंबई-दरभंगा-मुंबई और दिल्ली-दरभंगा-दिल्ली के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवाएं संचालित होने के बावजूद कई बार अचानक उड़ानों को रद्द कर दिया जाता है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकडऩे के लिए लोग दूर-दराज के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचते हैं, लेकिन अंतिम समय में उड़ान रद्द होने से यात्रियों को वहीं रुकना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। तरुण मिश्र ने आग्रह किया कि जिन हवाई अड्डों से बड़े और विकसित क्षेत्रों की कनेक्टिविटी जुड़ी हुई है, वहां नियमित विमान सेवाओं को स्थिर और भरोसेमंद बनाए रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय हवाई सेवा केवल सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए उड़ानों की निरंतरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। बैठक के दौरान देश के तेजी से विकसित हो रहे विमानन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, संचालन संबंधी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर भी व्यापक चर्चा हुई। तरुण मिश्र ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, छोटे शहरों को राष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोडऩे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों, प्रशासन और नीति निर्माताओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती सेवाएं मिल सकें। इस दौरान एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, तकनीकी आधुनिकीकरण, सेवा गुणवत्ता और युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। तरुण मिश्र ने कहा कि विमानन उद्योग देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक संपर्क को मजबूत करने वाला प्रमुख क्षेत्र बन चुका है।
स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने भी भारतीय विमानन उद्योग के विस्तार पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि देश में क्षेत्रीय उड़ानों की मांग तेजी से बढ़ रही है और यात्रियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार, एयरलाइंस कंपनियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के सहयोग को विमानन क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक बताया। मुलाकात के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्ध उड़ान संचालन और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों ने माना कि निरंतर संवाद और सहयोग के माध्यम से विमानन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। जनसेवक तरुण मिश्र ने कहा कि आमजन की समस्याओं को नीति स्तर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है और विमानन क्षेत्र में सुधार से व्यापार, पर्यटन तथा निवेश को नई गति मिलेगी। यह मुलाकात विमानन क्षेत्र में सुधार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।
















