स्पोर्ट्स सिटी प्रॉजेक्ट को मंजूरी, आठ हजार खरीदारों को राहत-नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में लिया गया फैसला, कई और प्रस्ताव पास

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। सेक्टर-150 स्थित एससी-2 प्लॉट (करीब 300 एकड़) पर वर्षों से विवादों में फंसी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। सोमवार को हुई नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में परियोजना के संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही जनवरी 2021 से लगी निर्माण पर रोक हटने का रास्ता साफ हो गया है और लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट अब दोबारा शुरू हो सकेंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में मंजूर रिजॉल्यूशन प्लान के आधार पर लिया गया है। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की, जिसमें सीईओ कृष्णा करुणेश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही यह भी तय किया गया कि सेक्टर-150 के अलावा सेक्टर-79 में अटकी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं पर भी इसी रिजॉल्यूशन प्लान को लागू किया जाएगा। इस निर्णय से करीब 8000 होमबायर्स को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए अब रास्ता खुल जाएगा। साथ ही लगभग 10 हजार नए फ्लैटों के नक्शे पास किए जाने की प्रक्रिया भी तेज होगी। परियोजना में 24 बिल्डर शामिल हैं, जो ज्वाइंट वेंचर के तहत कार्य करेंगे।

इनमें गौर सन्स, काउंटी ग्रुप, समृद्धि ग्रुप, ऐस ग्रुप और प्रेस्टिज ग्रुप जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। संशोधित योजना के तहत सेक्टर-150 को लो-डेंसिटी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां 70 प्रतिशत भूमि हरित और खुली रखी जाएगी। इसी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित होंगी, जिनमें क्रिकेट स्टेडियम, गोल्फ कोर्स, टेनिस सेंटर, स्विमिंग ट्रैक और मल्टीपर्पज प्ले फील्ड शामिल हैं। साथ ही स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन खेल सुविधाओं का उपयोग आम लोग भी कर सकेंगे और इन्हें तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से यह सेक्टर अत्याधुनिक होगा, जहां अंडरग्राउंड केबलिंग, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,274 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1500 करोड़ अधिक है। वहीं न्यू नोएडा के किसानों के लिए मुआवजा दर भी तय कर दी गई है, जिसे यमुना प्राधिकरण के बराबर रखते हुए 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।

पानी के बकायेदारों को ब्याज में छूट देने पर लगी मुहर
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शहर के विकास और नागरिकों को राहत देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में पानी के बकाएदारों के लिए तीन महीने की ब्याज माफी योजना को मंजूरी दी गई, जिसे 16 अप्रैल से लागू किया जाएगा। योजना के तहत पहले महीने बकाया जमा करने पर 40 प्रतिशत, दूसरे महीने 30 प्रतिशत और तीसरे महीने भुगतान करने पर 20 प्रतिशत ब्याज में छूट दी जाएगी। इसके अलावा प्राधिकरण ने आवासीय और औद्योगिक भूखंडों के लैंड यूज में बदलाव की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 25 से 50 प्रतिशत तक कन्वर्जन चार्ज निर्धारित किया गया है। हालांकि, यह सुविधा सभी आवंटियों को नहीं मिलेगी, बल्कि क्षेत्र विशेष के अनुसार तय नियमों और शर्तों के तहत सीमित मामलों में ही लागू होगी। बैठक में उन आवंटियों को भी राहत दी गई, जिन्होंने 12 वर्षों के भीतर अपने भूखंड पर निर्माण नहीं कराया है या कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है।

ऐसे आवंटियों को अब तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में निर्माण या औपचारिकताएं पूरी न करने पर प्राधिकरण आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई कर सकता है। अन्य फैसलों में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई, जो ग्रुप हाउसिंग, आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक और आईटी/आईटीईएस सेक्टर पर लागू होगी। हालांकि इसकी लागू होने की तिथि अभी तय नहीं की गई है। भवन नियमावली में संशोधन के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों के नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम करेगी। साथ ही प्राधिकरण ने अग्निशमन विभाग को 154 करोड़ रुपये देने और दलित प्रेरणा स्थल के रखरखाव के लिए 107 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा ग्रीन वेस्ट के निस्तारण के लिए प्लांट स्थापित करने हेतु एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी करने का भी निर्णय लिया गया है।

नोएडा अथॉरिटी के 10,274 करोड़ के बजट पर मुहर
नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 10,274 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी गई। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 1,500 करोड़ अधिक है, जिससे साफ है कि इस बार विकास और बुनियादी ढांचे पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। बैठक में सिविल कार्यों के लिए लगभग 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें सड़क, ड्रेनेज, और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा शहर के रखरखाव (मेंटिनेंस) के बजट में भी बढ़ोतरी की गई है, ताकि नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। बैठक में न्यू नोएडा क्षेत्र के किसानों से जुड़े एक अहम प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। प्राधिकरण ने किसानों के लिए जमीन अधिग्रहण की मुआवजा दर तय कर दी है। यह दर यमुना अथॉरिटी के समान रखी गई है। इसके तहत किसानों को 4,300 प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। प्राधिकरण के इस फैसले से न्यू नोएडा के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को भी एक तय और समान मुआवजा दर मिलने से राहत मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस बजट और नई नीतियों से क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।