-जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की बैठक
गाजियाबाद। जनपद में जल व वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर अब दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक में अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए। सीडीओ अभिनव गोपाल ने जिला गंगा समिति की बैठक में नदियों की स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता,नदी में बहने वाले अपशिष्ट को रोकना,सीवरेज उपचार के लिए बुनियादी ढांचे का विकास करना,औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी करते हुए उसे रोकना और स्वच्छीकरण करना है। नदी के तटों का विकास करना, आद्र्रभूमि तथा छोटी नदी का पुनर्जीवन कराना, पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली सूचना के बारे में जानकारी होना और शत-प्रतिशत कार्य कराने सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। नदियों को स्वच्छ रखने के लिए नए विकल्प ढूंढ़े। सीडीओ ने जिला पर्यावरण समिति की बैठक के दौरान डस्ट कंट्रोल ऐप, समीर ऐप,3 वायु प्रदूषण के रोकथाम,सड़कों की सफाई, सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम, सीईपीआई एक्शन प्लान,हिंडन नदी में औद्योगिक उत्प्रवाह करने वाली औद्योगिक इकाइयों के विरूद्ध कार्रवाई, पराली से फैलने वाले वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयास की समीक्षा करते हुए जगह-जगह कूड़ा निस्तारण,खुले में कूड़ा जलाना, सड़कों की मरम्मत, ग्रेप से उत्सर्जित होने वाले स्लज के निस्तारण एवं एसटीपी के ऑडिट एवं भूगर्भ जल को दूषित करने वाली जींस फैक्ट्रियों पर की जा रही कार्रवाई के संबंध में विस्तार से विचार विमर्श किया।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण,जल प्रदूषण और भूगर्भ जल को दूषित करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों को भी विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाए।वह किसी भी प्रकार से वायु एवं जल प्रदूषण न करें,अन्यथा उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में प्रभागीय निदेशक वानिकी ईशा तिवारी, जिला उद्योग प्रोत्साहन उद्यम के उपायुक्त श्रीनाथ पासवान, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, जीडीए के अधिशासी अभियंता लवकेश कुमार, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रामराजा, कृषि विभाग,सिंचाई विभाग एवं समिति के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
















