रविंद्र तिवारी की सतर्कता ने खोला दुकानदारों के पुराने दामों का भंडाफोड़

-सोसायटी और दुकानों में निरीक्षण कर रविंद्र तिवारी ने जनता को किया सुरक्षित और जागरूक, जनता को बताया कानूनी उपाय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में बड़े बदलाव किए गए, जिसके तहत कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं अब कम कर या कर मुक्त हो गई हैं। यह नई दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी हैं। लेकिन शहर के कई हिस्सों में यह देखा गया है कि कुछ दुकानदार अभी भी पुराने दामों पर ही सामान बेच रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में नाराज़गी और असंतोष बढ़ गया है।
फाइनेंशियल कंसलटेंट रविंद्र तिवारी ने इस स्थिति पर गहन ध्यान दिया और शनिवार सुबह अपनी पंचशील प्रिमरोज़ सोसायटी की दुकान पर निरीक्षण करते हुए स्थिति का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सोसायटी निवासी आरपी ओझा जब सामान खरीद रहे थे, तब दुकानदार ने जीएसटी कम होने के बावजूद पुराने दाम पर राशि वसूल की। रविंद्र तिवारी ने पूरी घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। रविंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार ने कई वस्तुओं पर जीएसटी दर घटा दी है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार पुराने दामों पर सामान बेच रहे हैं। यह उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे बिल की जांच अवश्य करें और किसी भी अनियमितता को नजरअंदाज न करें।

उन्होंने यह भी कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही ऐसे मामलों में बदलाव ला सकते हैं। अगर हम अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगे और समय पर शिकायत दर्ज कराएंगे, तो दुकानदार नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे। सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-11-4000 या 1915 पर कॉल करके या व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर संदेश भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। रविंद्र तिवारी ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल https://consumerhelpline.gov.in पर भी जीएसटी से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। यह पोर्टल उपभोक्ताओं को ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, एफएमसीजी, ई-कॉमर्स और अन्य सेक्टरों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा देता है। इससे उपभोक्ता सुरक्षित और कानूनी रूप से अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे केवल शिकायत ही नहीं करें, बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। रविंद्र तिवारी ने कहा कि जब हम अपने परिवार और समाज में जीएसटी के बारे में जानकारी फैलाएंगे, तभी व्यापारी नियमों का पालन करने के लिए मजबूर होंगे। उपभोक्ताओं की जागरूकता ही बाजार में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित कर सकती है।

रविंद्र तिवारी ने बताया कि उन्होंने कई दुकानदारों को निजी तौर पर चेतावनी दी है और उनसे अपेक्षा जताई है कि वे नई जीएसटी दरों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कुछ दुकानदारों ने पहले ही अपनी गलती स्वीकार की और नए दाम लागू कर दिए हैं। लेकिन कुछ अभी भी पुराने दामों पर ही बेच रहे हैं, जो न केवल उपभोक्ता के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि कानून की भी अवहेलना है। उनकी जागरूकता और सक्रियता ने उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाया है कि सरकार द्वारा किए गए बदलाव का सही लाभ उन्हें मिल रहा है। रविंद्र तिवारी का मानना है कि उपभोक्ता जागरूकता ही किसी भी नीति की सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि हमारे छोटे-छोटे कदम ही समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अपने अधिकार जानिए, उन्हें लागू कीजिए और दूसरों को भी यह संदेश दीजिए कि केवल जागरूक उपभोक्ता ही बाज़ार में पारदर्शिता ला सकते हैं। इस प्रयास से गाजियाबाद में उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक नई जागरूकता पैदा हो रही है और जनता अब दुकानदारों की अनियमितताओं के खिलाफ सक्रिय हो रही है।