-एचआईएमटी के उत्कृष्ट आयोजन की सराहना, पैनलिस्टों और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएड। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स द्वारा शनिवार को प्रबंधन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अंत:विषयक अनुसंधान और नवाचार पर प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा और अंतिम दिवस भव्य रूप से आयोजित किया। इस आयोजन ने न केवल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एचआईएमटी की प्रतिबद्धता को उजागर किया, बल्कि छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत के रूप में काम किया।
सम्मेलन में प्रमुख पैनलिस्ट के रूप में डॉ. अंशुमान शर्मा, निदेशक-शोध, एशियन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मणिपुर; डॉ. कुश सक्सेना, एसोसिएट प्रोफेसर, सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी, तंजानिया; डॉ. रश्मि मिश्रा, विभागाध्यक्ष-बायोटेक्नोलॉजी, एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा; प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, प्रोफेसर, आईआईएलएम विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। सम्मेलन के की-नोट स्पीकर अतुल टंडन, सीईओ, केकनेक्शन्स इंडिया ने अपने संबोधन में कहा कि अंत:विषयक शोध उतना ही महत्वपूर्ण है उद्योग के लिए जितना कि शैक्षणिक जगत के लिए। यह केवल नए विचारों को जन्म नहीं देता, बल्कि वास्तविक उद्योगिक समस्याओं के समाधान में भी योगदान करता है।
सम्मेलन के दूसरे सत्र में वैलिडिक्ट्री सेशन आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि ब्रजेश कुमार, सीईओ- आईएएससी सेक्टर स्किल काउंसिल, नोएडा ने कहा कि कौशल और ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता, यह हमेशा व्यक्ति और समाज की प्रगति में योगदान देता है। उनके विचारों ने प्रतिभागियों को अपने ज्ञान और क्षमता का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। एचआईएमटी समूह के चेयरमैन हेम सिंह बंसल ने सम्मेलन के आयोजन समिति और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि एचआईएमटी हमेशा शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई मिसालें कायम करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता बताते हुए सम्मेलन की सभी टीम को बधाई दी। सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने भी आयोजकों और संकाय को इस भव्य सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
सम्मेलन संयोजक प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने सम्मेलन का संक्षिप्त सार प्रस्तुत किया और प्रो. नरेंद्र उपाध्याय, हेड ऑफ डिपार्टमेंट- आईटी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सभी पेपर प्रस्तुतकर्ताओं और पोस्टर प्रस्तुतकर्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विशेष रूप से शीर्ष तीन पेपर प्रस्तुतकर्ताओं और शीर्ष तीन पोस्टर प्रस्तुतकर्ताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में एचआईएमटी समूह के सचिव अनिल कुमार बंसल, संयुक्त सचिव अनमोल बंसल, कार्यकारी निदेशक डॉ. विक्रांत चौधरी, प्राचार्या-एजुकेशन डॉ. मनोरमा, डॉ. दिनेश कुमार, हेड ऑफ बायोटेक्नोलॉजी विभाग, कविता चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी और संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति ने इस भव्य आयोजन की शोभा और भी बढ़ा दी। एचआईएमटी द्वारा आयोजित यह सम्मेलन न केवल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध और नवाचार के महत्व को स्थापित करने वाला साबित हुआ, बल्कि प्रतिभागियों को वास्तविक दुनिया में तकनीकी और व्यावसायिक समाधान देने के लिए सशक्त भी किया।
आयोजन के दौरान एचआईएमटी की उच्च स्तरीय व्यवस्थापन क्षमता, छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रति समर्पण और उत्कृष्ट योजना कार्य की तारीफ सभी द्वारा की गई। सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उच्च मानक स्थापित करता है, बल्कि नवाचार और अंत:विषयक शोध के माध्यम से उद्योग और शिक्षा को जोडऩे का सफल मॉडल भी प्रस्तुत करता है। इस सम्मेलन ने छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नए दृष्टिकोण और संभावनाओं के द्वार खोले और भविष्य में नवाचार की दिशा में एक प्रेरणादायक मंच तैयार किया।

















