-अवसरवादियों के लिए नहीं, कानून और सुरक्षा के बीच संतुलित व्यवस्था; 164 करोड़ की बिक्री से राज्य राजस्व में बढ़ोतरी
–शराब-बियर बिक्री में रिकॉर्ड, सुरक्षा और नियमों का पालन प्राथमिकता: संजय कुमार प्रथम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने दिसंबर 2025 में गाजियाबाद जिले में शराब और बीयर की बिक्री के आंकड़े जारी किए, जो पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। विभाग के अनुसार दिसंबर माह में कुल 164 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी माह यह आंकड़ा 145 करोड़ रुपये था। इस वृद्धि को विभाग ने सख्त निगरानी और व्यवस्थित संचालन का परिणाम बताया है। जिले में वर्तमान में कुल 463 शराब और बीयर की दुकानें संचालित हैं। औसतन जिले में रोजाना पांच करोड़ रुपये की शराब-बियर बिक्री होती है। नववर्ष और क्रिसमस के अवसर पर विशेष बिक्री देखी गई। विशेष रूप से 30 और 31 दिसंबर को 13 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज हुई, जबकि 1 जनवरी को 6 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री हुई। इन सबके अलावा आबकारी विभाग की टीम आमजन की सहूलियत के लिए जिले की लाइसेंसी शराब की दुकानों से लेकर रेस्टोरेंट, बार एवं होटलों में निगरानी करती रही। अवैध शराब के कारोबार को रोकने के साथ ही विभाग के लक्ष्य को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने दिसंबर 2025 में गाजियाबाद जिले में शराब और बीयर की बिक्री के आंकड़े जारी किए, जो पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। विभाग के अनुसार दिसंबर माह में कुल 164 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी माह यह आंकड़ा 145 करोड़ रुपये था। इस वृद्धि को विभाग ने सख्त निगरानी और व्यवस्थित संचालन का परिणाम बताया है। जिले में वर्तमान में कुल 463 शराब और बीयर की दुकानें संचालित हैं। औसतन जिले में रोजाना पांच करोड़ रुपये की शराब-बियर बिक्री होती है। नववर्ष और क्रिसमस के अवसर पर विशेष बिक्री देखी गई। विशेष रूप से 30 और 31 दिसंबर को 13 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज हुई, जबकि 1 जनवरी को 6 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री हुई। इन सबके अलावा आबकारी विभाग की टीम आमजन की सहूलियत के लिए जिले की लाइसेंसी शराब की दुकानों से लेकर रेस्टोरेंट, बार एवं होटलों में निगरानी करती रही। अवैध शराब के कारोबार को रोकने के साथ ही विभाग के लक्ष्य को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि सरकार ने दिसंबर माह में चार दिनों के लिए शराब दुकानों को रात 10 बजे की बजाय रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति दी थी। इसका उद्देश्य जनता को त्योहारों और नववर्ष की खरीदारी के दौरान सुविधा प्रदान करना था, वहीं विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी दुकान में अवैध बिक्री या नियमों का उल्लंघन न हो। संजय कुमार प्रथम ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में देर रात तक लोगों का आवागमन अधिक होता है, वहां पर दुकानों में बिक्री में 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि हुई। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य केवल बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि नियमों का पालन कर सुरक्षित और नियंत्रित ढंग से कारोबार संचालित कराना है। विभाग ने हर दुकान पर नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से निगरानी रखी। इस वजह से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दुकानदारों और कर्मचारियों को श्रम नियम, लाइसेंस और कानूनी प्रावधानों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की संभावना न्यूनतम हो। इसके परिणामस्वरूप, नववर्ष के अवसर पर 6 करोड़ रुपये की बिक्री होने के बावजूद कोई भी अवैध घटना या अव्यवस्था नहीं हुई। आबकारी विभाग के अनुसार, यह आंकड़ा केवल राज्य सरकार के राजस्व के लिए नहीं महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाता है कि विभाग की कड़ी निगरानी और व्यवस्था के चलते जनता सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकती है। संजय कुमार प्रथम ने कहा कि आबकारी विभाग का दृष्टिकोण स्पष्ट है: हम त्योहार और अवसरों पर जनता को सुविधा प्रदान करते हैं, लेकिन कानून और सुरक्षा का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विभाग ने सभी दुकानों पर समय, मूल्य और गुणवत्ता के मानक लागू किए हैं। विभाग ने यह भी बताया कि बिक्री में वृद्धि के बावजूद किसी भी दुकान पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया गया। साथ ही दुकानों पर सुरक्षित और जिम्मेदार शराब बिक्री के लिए जनता को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि शराब के सेवन और खरीदारी के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी का पालन करना सभी का दायित्व है। इस तरह, गाजियाबाद जिले में दिसंबर माह में शराब और बीयर की बिक्री का यह रिकॉर्ड न केवल आबकारी विभाग की सतर्कता और सक्रियता का परिणाम है, बल्कि यह दर्शाता है कि विभाग राजस्व वृद्धि और कानून के पालन के बीच संतुलन बनाए रख सकता है।
दिसंबर 2025 में जिले में शराब और बीयर की बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दिसंबर माह में कुल 164 करोड़ रुपये की बिक्री हुई, जो पिछले साल के 145 करोड़ रुपये के आंकड़े से कहीं अधिक है। नववर्ष और क्रिसमस के अवसर पर विशेष रूप से 30 और 31 दिसंबर को 13 करोड़ रुपये और 1 जनवरी को 6 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। हमारी प्राथमिकता केवल बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि कानून और सुरक्षा के पालन के साथ सुरक्षित और नियंत्रित ढंग से कारोबार संचालित कराना है। इसी दिशा में विभाग ने दुकानों पर नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से निगरानी रखी। सभी दुकानदारों और कर्मचारियों को श्रम नियम, लाइसेंस और कानूनी प्रावधानों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की संभावना न्यूनतम रही। हमने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी दुकान में अवैध बिक्री या नियमों का उल्लंघन न हो। जिन क्षेत्रों में देर रात तक लोगों का आवागमन अधिक होता है, वहां दुकानों में बिक्री में 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि हुई। बिक्री के बावजूद किसी भी दुकान पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपाय सख्ती से लागू किए गए। त्योहार और अवसरों पर जनता को सुविधा प्रदान करना आवश्यक है, लेकिन कानून और सुरक्षा का उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराब के सेवन और खरीदारी के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी का पालन करना सभी का दायित्व है। इस तरह, विभाग की सतर्कता और सक्रियता के चलते जनता सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकती है, जबकि राजस्व वृद्धि और कानून का पालन दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं।
संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी
संजय कुमार प्रथम
जिला आबकारी अधिकारी

















