आरएसएस प्रचारक गोविंद वैद्य पंचतत्व में विलीन

संघ के पहले प्रवक्ता का नागपुर में अंतिम संस्कार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक माधव गोविंद वैद्य रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। महाराष्ट्र के नागपुर में वैद्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वह आरएसएस के पहले प्रवक्ता थे। माधव गोविंद वैद्य (97) का शनिवार को नागपुर के निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। रविवार की अंबाजारी श्मशान में वैद्य का अंतिम संस्कार किया गया। इस दरम्यान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, आरएसएस नागपुर महानगर संघ चालक राजेश लोया, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख, पूर्व ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बवनकुले आदि इस मौके पर मौजूद रहे। ऐसे में 2 मिनट का मौन रखा गया। अंतिम संस्कार से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत रविवार की सुबह वैद्य के आवास पर पहुंचे थे। वहां से आने के बाद भागवत ने पत्रकारों से कहा कि एम.जी. वैद्य ने संघ की विचारधारा की रक्षा की। उसी के अनुरूप जीवन व्यतीत किया। वह आरएसएस के विश्वकोश थे। उनके निधन के बाद खालीपन सा उत्पन्न हो गया है। आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि हम एम.जी. वैद्य से सलाह लिया करते थे। अब यह दुविधा पैदा हो गई है कि सलाह के लिए किसके पास जाया जाए। जीवन किस प्रकार जिया जाता है, उन्होंने हमें इसका उदाहरण दिया। उधर, एम.जी. वैद्य को श्रद्धांजलि देने हेतु रेशमी बाग में 31 दिसम्बर को डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में सभा आयोजित की जाएगी। उधर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार की रात वैद्य के घर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी एम.जी. वैद्य के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एम.जी. वैद्य आरएसएस के पहले प्रचार प्रमुख नियुक्त किए गए थे। वह आरएसएस के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख भी रहे। जनवरी-2020 में वैद्य ने महाराष्ट्र को 4 भागों में विभाजित करने की मांग उठाकर विवाद खड़ा कर दिया था। इस मांग के चक्कर में वह विभिन्न वर्गों के निशाने पर आ गए थे।