-महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के दौरान डीसीपी धवल जायसवाल का मंदिर परिसर में पैदल भ्रमण
-भीड़, बारिश और भावनाओं के समंदर में प्रशासन की दृढ़ व्यवस्था बनी मिसाल
-मंदिर समिति से समन्वय, सीसीटीवी और गश्त से सुरक्षा-प्रबंधन रहा बेहद मजबूत
-आस्था और अनुशासन का अनूठा समन्वय – श्रद्धालुओं ने जताया पुलिस प्रशासन पर भरोसा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन मास की महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा जैसे विराट धार्मिक आयोजनों के बीच जब लाखों श्रद्धालु श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर उमड़ते हैं, ऐसे समय में कमिश्नरेट गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त नगर जोन (डीसीपी सिटी) धवल जायसवाल ने बुधवार को एक कुशल, संवेदनशील और जिम्मेदार नेतृत्व का परिचय दिया। डीसीपी जायसवाल ने स्वयं श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पुलिस बल के साथ पैदल भ्रमण कर सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और जवानों को “सटीक दिशा-निर्देश” देते हुए कहा कि, “श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव दोनों ही हमारे कार्य का केंद्र हैं। किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए यही हमारी प्राथमिकता है। डीसीपी धवल जायसवाल सिर्फ कार्यालयी निगरानी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मंदिर परिसर के प्रत्येक महत्वपूर्ण मार्ग, मुख्य द्वार, निकास गलियों, जलाभिषेक स्थल, स्त्रियों के लिए बने मार्ग तथा वीआईपी प्रवेश जैसी हर जगह स्वयं पहुंचे।
उन्होंने रूट डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन उपायों व पुलिस सहायता बूथों का भी भली भांति निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धा की भीड़ जब भावनाओं में होती है, तब एक छोटी सी चूक भी भारी हो सकती है। इसलिए सभी कर्मियों को अलर्ट रहना होगा। धवल जायसवाल ने ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों से कहा कि वे सुरक्षा व्यवस्था को केवल अनुशासन के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग की भावना से निभाएं। श्रद्धालुओं से संवाद करें, उन्हें सहयोग दें और जरूरत पड़ने पर स्वयं पहल करें। उन्होंने मंदिर समिति से समन्वय कर यह सुनिश्चित किया कि प्रशासनिक एवं धार्मिक पक्ष एकजुट होकर काम करें, ताकि किसी तरह का विरोधाभास न उत्पन्न हो। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल का नेतृत्व इस बात का प्रमाण है कि जब कोई अधिकारी मैदान में उतरकर, दिल से काम करता है, तो परिणाम न केवल बेहतर आते हैं, बल्कि जनता में विश्वास, सुरक्षा और सहयोग की भावना भी बढ़ती है। पुलिस का यह समर्पण आने वाले आयोजनों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है।
तकनीक से जोड़कर बनाई सुरक्षा की अभेद दीवार, सीसीटीवी और ड्रोन से रखी जा रही थी नजर
शहर के प्रमुख कांवड़ रूट, मंदिर के चारों ओर के संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। डीसीपी सिटी की निगरानी में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहा, जहां से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके अतिरिक्त फुट पेट्रोलिंग, क्विक रिस्पॉन्स टीम, महिला पुलिस और यातायात शाखा को भी विशेष रूप से तैनात किया गया।
श्रद्धालुओं में दिखा संतोष और विश्वास
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने खुले मन से ष्ठष्टक्क सिटी धवल जायसवाल की व्यवस्था की तारीफ की। भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था की सहजता, ट्रैफिक कंट्रोल की सुगमता और सुरक्षा में संवेदनशीलता ने श्रद्धालुओं के मन में प्रशासन के प्रति भरोसे को और मजबूत किया।
















