• महापौर व नगर आयुक्त ने किया कांवड़ यात्रियों को प्रसाद वितरण, शिविर समापन के साथ टीम को दी बधाई
• लगातार बारिश के बीच भी निगम ने निभाई सेवा की जिम्मेदारी, 24 घंटे डटी रही टीम
• दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से आए श्रद्धालु बोले: “थैंक यू नगर निगम
• स्वच्छता और सुरक्षा के साथ हुआ कांवड़ महोत्सव संपन्न: नगर आयुक्त
• सेवा, समर्पण और स्वच्छता से सजा गाजियाबाद का कांवड़ महोत्सव, निगम की तैयारियों को कांवड़ियों ने सराहा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन के पावन अवसर पर नगर निगम गाजियाबाद द्वारा आयोजित प्लास्टिक मुक्त एवं जीरो वेस्ट आधारित कांवड़ शिविर के सफल समापन के साथ ही इस बार का कांवड़ महोत्सव नगर के लिए गर्व और गौरव का क्षण बन गया। लाखों की संख्या में गाजियाबाद से होकर गुजरने वाले कांवड़ यात्रियों ने इस शिविर में रुककर न सिर्फ विश्राम किया बल्कि नगर निगम की सेवा भावना, सफाई व्यवस्था और पर्यावरणीय संकल्प को खुले दिल से सराहा। कांवड़ शिविर के समापन अवसर पर महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कांवड़ यात्रियों से संवाद किया, उनका हाल-चाल जाना और प्रसाद वितरण कर शुभकामनाएं दीं। नगर आयुक्त ने निगम टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह महोत्सव सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक बन गया है।
मानसून के दौरान लगातार होती रही बारिश के बावजूद नगर निगम की टीमें 24 घंटे सेवा में जुटी रहीं। जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता इकाई ने मिलकर कांवड़ रूट, मंदिर परिसरों और शिविर स्थलों पर जलनिकासी, साफ-सफाई और सुविधा की व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु रखा। कहीं भी पानी जमा नहीं हुआ और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। बेहतर सफाई, स्वच्छ पेयजल, विश्राम की सुविधा और प्लास्टिक मुक्त शिविर जैसे अभिनव प्रयासों ने यात्रियों के दिल जीत लिए। कई कांवडिय़ों ने कहा कि पहली बार ऐसा अनुभव हुआ कि निगम प्रशासन हर मोर्चें पर हमारे साथ था।
प्रमाणपत्र और सम्मान के साथ हुआ शिविर का समापन, टीम को मिला उत्साह
नगर आयुक्त ने मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवा में लगे स्वयंसेवकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक सेवा नहीं, बल्कि ग्रीन और क्लीन शहर के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि भविष्य में भी इसी निष्ठा और समर्पण से कार्य करें।
प्लास्टिक मुक्त शिविर: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम
इस वर्ष का कांवड़ शिविर विशेष रूप से प्लास्टिक मुक्त और शून्य अपशिष्ट मॉडल पर आधारित रहा। एक भी पॉलीथिन, थर्माकोल या सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया गया। स्वच्छता कर्मियों ने कचरा पृथक्करण कर उसे तत्काल निस्तारित किया। यह प्रयोग श्रद्धालुओं के बीच भी जागरूकता का विषय बना।
नगर निगम ने फिर दिखाया -सेवा ही धर्म है
गाजियाबाद नगर निगम ने कांवड़ महोत्सव को न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन बल्कि एक प्रशासकीय अभियान की तरह लिया और सफलतापूर्वक निभाया। व्यवस्थाएं, समयबद्धता और सेवा की भावना ने यह सिद्ध कर दिया कि नगर निगम पूरी तरह जनहित और जनभावनाओं के साथ खड़ा है।

















